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हादसा:स्नान कर रहा युवक चट्‌टान से फिसला बचाने में साथी भी डूबा, दोनों की मौत

खंडवा8 महीने पहले
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दुर्घटना के बाद साथ आए युवकों ने फोन से परिजन को सूचना दी। - Dainik Bhaskar
दुर्घटना के बाद साथ आए युवकों ने फोन से परिजन को सूचना दी।
  • देवास से पिकनिक मनाने आए थे ओंकारेश्वर, नर्मदा के ब्रह्मपुरी घाट पर

ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर चट्‌टानों के बीच नर्मदा स्नान कर रहे दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। मृतक देवास जिले के हैं। बुधवार दाेपहर 2.30 बजे स्नान के दाैरान चट्टान से एक युवक का पैर फिसला और वह डूबने लगा। यह देख साथी बचाने पहुंचा। पानी गहरा हाेने के कारण दाेनाें डूब गए। गोताखोरों ने एक घंटे की मशक्कत बाद शवों को बाहर निकाला। युवक ओंकारेश्वर दर्शन के बाद अपने साथियों के साथ स्नान कर रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया। मृतकों की शिनाख्त गौतम पिता प्रताप लौवंशी राजपूत (18), हेमंतराज पिता रघुनाथ गारोड़ा (18) निवासी बामनखेड़ा जिला देवास के रूप में की गई। देवास बामनखेड़ा के उत्सव सिंह तोमर, दुष्यंत खत्री, नीरज बरमाईया व नीलेश सिंह के साथ दाेनाें युवक पिकनिक मनाने ओंकारेश्वर आए थे। ब्रह्मपुरी सहित अन्य घाट पर चट्‌टान और कम पानी दिखाई देने पर युवकों ने स्नान शुरू किया। इसी दाैरान चट्टान से हेमराज का पैर फिसल गया। उसे बचाने पहुंचा गौतम भी डूब गया। साथियों ने शाेर मचाया ताे लोगों ने गोताखोरों को मदद के लिए बुलाया। एक घंटे बाद युवकों को बाहर निकाला जा सका तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर परिजन ओंकारेश्वर पहुंचे। मांधाता थाना टीआई जगदीशचंद्र पाटीदार ने कहा कि हादसा चट्‌टान से पैर फिसलने से हुआ है। जांच कर रहे हैं।

जलस्तर बढ़ाने के लिए बजा सायरन
हादसे के बाद ओंकारेश्वर में सायरन की आवाज गूंजी। मौजूद मीडियाकर्मियों ने कंट्रोलरूम को युवकों के डूबने की सूचना दी। बांध से पानी छूट जाता तो युवकों के शव ढूंढना मुश्किल हो जाता।

इकलाैती संतान थे दाेनाें ही युवक
गौतम आईटीआई व हेमंतराज कक्षा 12वीं का छात्र था। दोनों ही इकलौती संतान थे। गौतम के पिता नहीं है। परिजन ने बताया लॉकडाउन के बाद से कहीं गए नहीं थे। इसलिए ओंकारेश्वर आए थे।

20 दिन में चौथी मौत, गहराई की जानकारी देने वाला काेई नहीं
नर्मदा का जलस्तर कम-ज्यादा होने पर बाहर से आए तीर्थ यात्री स्नान के दौरान पानी की गहराई को समझ नहीं पाते। चट्‌टान देख लोगों को लगता है कि पानी कम होगा। घाटों पर तीर्थ यात्रियों को जानकारी देने वाला कोई नहीं रहता है। इस कारण हादसे बढ़ रहे हैं। 25 सितंबर को दादा का दशा कर्म करने आए देवास जिले के सुरमान्या कांटाफोड़ निवासी प्रदीप बनवानी की डूबने से मौत हो गई थी।एक अन्य घटना में महिला को बचाने में युवक बह गया था।

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