निंबोला में गोवंश की तस्करी:ऊपर गेहूं का भूसा, नीचे बालू रेत, बीच में दो पार्टीशन में भरे थे 45 गोवंश, दो मृत मिले

निंबोला8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • निंबोला थाना पुलिस ने इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर 10 किमी पीछा कर पकड़ा 14 पहियों का ट्रॉला

इंदौर-इच्छापुर हाईवे से महाराष्ट्र की ओर गोवंश की तस्करी थम नहीं रही है। रविवार दोपहर पुलिस ने 14 पहियों का ट्रॉला पकड़ा। इसमें दो पार्टिशन में 45 गोवंश भरे थे। बुरी तरह ठूंसकर भरे होने के कारण इनमें से एक बैल और एक बछिया दम तोड़ चुके थे। मवेशी नजर नहीं आए, इसलिए ऊपर गेहूं का भूसा और नीचे बालू रेत भरकर बीच में गोवंश भरे गए थे।

पुलिस को देख ड्राइवर ट्रॉले से कूदकर भाग निकला। पुलिस ने क्लीनर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। सभी मवेशियों को बंभाड़ा स्थित गौशाला भेजा गया है। कार्रवाई में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस का सहयोग किया। निंबोला थाना पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली थी कि हाईवे से बड़े पैमाने पर गोवंश की तस्करी की जा रही है।

इस पर पुलिस मुश्तैद हुई और थाना प्रभारी विक्रमसिंह बामनिया ने कार्रवाई के लिए टीम गठित की। पुलिस हाईवे पर तैनात हो गई। दोपहर 2 बजे ट्रॉला एमपी-09 एचएच-5162 आता दिखा। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो ड्राइवर ने रफ्तार और बढ़ा दी और ट्रॉला लेकर भाग निकला। इस पर पुलिस ने बाइक और अपने वाहन से करीब 10 किमी तक पीछा कर असीर फाटे के पास घेराबंदी कर ट्रॉले को रोक लिया। इस दौरान ड्राइवर कूद कर भाग निकला। पुलिस ने मंदसौर निवासी क्लीनर रशीद पिता इस्माइल को गिरफ्तार किया।

आरोपियों को जल्द मिल जाती जमानत, इसलिए नहीं थम रही तस्करी
पुलिस ने ट्रॉले की जांच की तो इसमें ऊपर गेहूं का भूसा, नीचे बालू रेत और बीच में दो पार्टीशन में गोवंश भरे मिले। इनमें21 केड़े, 14 गाय, पांच बैल और पांच बछिया ठूंसकर भरी थी। एक बैल और एक बछिया दम तोड़ चुकी थी। कार्रवाई में प्रधान आरक्षक नरेंद्र श्रीवास, राजेश बामनिया, आरक्षक सचिन जाधव, ब्रजेश कैथवास, रंजीत धाकड़, सुजीत यादव, गौरक्षक प्रमुख महेंद्र महाजन और गणेश चौधरी सहित अन्य जवान और कार्यकर्ता शामिल थे। ग्रामीणों ने कहा हाईवे से गोवंश की तस्करी बढ़ती जा रही है। पुलिस कई बार गोवंश जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार करती है, लेकिन आरोपियों को जल्द जमानत मिलने के कारण उनके हौंसले बढ़ते जा रहे हैं। गोवंश के तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की जाना चाहिए, तभी तस्करी थम सकेगी।

खबरें और भी हैं...