मोहर्रम पर्व:11वीं तारीख को ताजियों का किया विसर्जन, कोरोना महामारी काे खत्म करने की मांगी दुआएं

निवाली5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
ताजियों को विसर्जन के लिए ले जाते समाज के लोग। - Dainik Bhaskar
ताजियों को विसर्जन के लिए ले जाते समाज के लोग।
  • रातभर ताजियों की जियारत कर सुबह नानीझिरा तालाब के पास किया विसर्जन

नगर में मुस्लिम समाज ने शुक्रवार रात को मोहर्रम की 10वीं तारीख को पलसूद रोड स्थित बस स्टैंड पर ताजियों को जियारत के लिए बाहर रखा गया। लोगों ने पूरी रात जियारत कर मन्नतें पूरी की। इस दौरान अखाड़े में युवाओं ने हैरतंगेज करतब दिखाए। शनिवार को मोहर्रम की 11वीं तारीख को ताजियों का विसर्जन किया गया।

सुबह 11 बजे ताजियों को उठाकर गुमड़िया रोड स्थित नानीझिरी तालाब के पास विसर्जन किया गया। इस दौरान जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। तालाब के किनारे पुलिसकर्मियों ने छोटे बच्चों को आगे जाने से रोक दिया। मोहर्रम कमेटी के सदस्यों ने बारी-बारी से ताजियों का विसर्जन कर दुआएं मांगी। इस दौरान समाज के लोगों ने बताया कि सभी ने कोराेना महामारी के खात्मे की दुआएं मांगी।

नगर में इस साल आठ ताजिए मक्का मदीना की आकृति के बनाए गए थे। हर साल की तरह इस साल भी 2 दुल बनाई गई जो जायरीन के लिए आकर्षण का केंद्र रही। ताजिए बनाने वाले अनीस शेख, अरशद शेख और सोएब अली ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दो साल से कोरोना गाइडलाइन का पालन कर सिर्फ एक फीट के ताजिए ही बनाए गए थे। इस साल 25 फीट ऊंचे ताजिए बनाए गए हैं।

खबरें और भी हैं...