परेशानी / छोटे तालाब सूखे, अब कुएं और बावड़ियों में भी पानी नहीं

Small ponds dry, now there is no water in wells and steps
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Small ponds dry, now there is no water in wells and steps

  • निवाली पंचायत में पांच दिन में हो रहा पानी का वितरण, जलस्तर गिरने से निवाली पंचायत के सात में से चार ट्यूबवेल भी हुए बंद
  • मानसून देरी से आया तो निवाली सहित आसपास के क्षेत्र में लोगों को भारी जलसंकट का सामना करना पड़ेगा

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

निवाली. नगर सहित क्षेत्र में लगातार भीषण गर्मी पड़ रही है। इस गर्मी व तेज धूप में नगर के आसपास के सभी छोटे तालाब सूख गए हैं। कुएं व बावड़ी में भी पानी नहीं बचा है। कुछ हैंडपंप व ट्यूबवेल के भरोसे लोगों को पानी मिल पा रहा है। पानी की भारी कमी होने से लोग पानी के लिए परेशान होते दिख रहे हैं। निवाली पंचायत के भी 7 में से 4 ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। तीन ट्यूबवेल के भरोसे नगर में पानी वितरण हो रहा है। इससे 5 दिन में एक बार लोगों को पानी मिल पा रहा है।
लोगों को दूर-दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। जबकि अभी गर्मी का मौसम समाप्त होने में एक माह से ज्यादा का समय शेष है। ऐसे में दिनों दिन भूमिगत जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और आए दिन हैंडपंप व ट्यूबवेल एक-एक कर पानी छोड़ रहे हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। यदि इस बार मानसून देरी से आया तो निवाली सहित आसपास के क्षेत्र में भारी जलसंकट का लोगों को सामना करना पड़ सकता है। लोगों ने बंद पड़े ट्यूबवेल को चालू कराने की मांग की है। ताकि लोगों को परेशानी नहीं हो और आसानी से पानी मिल सके।
तालाब का पानी सूखने से जमीन में पड़ने लगी दरारें
गर्मी का पारा लगातार बढ़ने से तालाब के सूखे हुए हिस्से की जमीन में दरारें पड़ने लगी हैं। क्षेत्र में विगत कई वर्षों से गर्मी के समय में पेयजल को लेकर विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद क्षेत्र के आसपास कोई बड़ा जलस्रोत नहीं बनाया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में भी अब हैंडपंप, कुएं, तालाब और बावड़ी आदि सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं लेकिन क्षेत्र में सिंचाई के लिए कोई बड़ा तालाब नहीं होने से किसानों को समस्या होती है।
मवेशियों को नहीं मिल रहा पानी
भीषण गर्मी के चलते क्षेत्र के सभी जल स्रोत एक-एक कर सूखते जा रहे हैं। सभी छोटे तालाब सूख चुके हैं। बरसाती नालों में पानी नहीं बचा है। इससे नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों को पीने के पानी की भारी किल्लत हो रही है। पालतू मवेशियों के लिए तो लोग जैसे-तैसे पानी की जुगाड़ कर रहे हैं। वहीं आवारा घूमने वाले मवेशियों व जंगली जानवरों को पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है। लोगों ने पंचायतों से गांवों में मवेशियों के लिए टंकियों में पानी भरवाने की मांग की है। ताकि मवेशियों की प्यास बुझ सके।
हैंडपंप  में बढ़ने लगे पाइप, कुएं व बावड़ी भी सूखे

निवाली में पंचायत के पास 7 ट्यूबवेल हैं। इनमें से 4 पानी की कमी से बंद पड़े हैं। वहीं हैंडपंप में भी पानी कम आ रहा है। कई हैंडपंपों ने पानी छोड़ दिया है। इनमें पाइप बढ़ाने की जरूरत है। यदि समय रहते इनमें पाइप नहीं बढ़ाए गए तो ये भी पानी छोड़ देंगे। इससे पानी की और समस्या बनेगी। लोगों ने हैंडपंपों में पाइप बढ़ाने की मांग की है।

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