शिक्षा की जिम्मेदारी है जिन पर वे भी बने बेपरवाह:9 दिन बाद भी स्कूल का नहीं खुला ताला, विक्रमपुर प्राथमिक शाला के शिक्षक जिम्मेदार भी बेपरवाह

रोशनी2 महीने पहले
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स्कूल में सफाई नहीं हो रही है। - Dainik Bhaskar
स्कूल में सफाई नहीं हो रही है।

प्राथमिक स्कूल खुले 9 दिन बीत चुके हैं लेकिन आदिवासी अंचल के स्कूलों में अब भी शिक्षक नहीं पहुंच रहे हैं। इनमें एक स्कूल आंवलिया संकुल के ग्राम विक्रमपुर का प्राथमिक स्कूल भी है। अन्य स्कूलों में लापरवाही के समाचार प्रकाशित होने के बाद निरीक्षण के लिए सहायक आयुक्त (आजाक) ने दो जनशिक्षक भी नियुक्त किए लेकिन वे भी अब तक यहां पहुंचे। जिन अफसरों पर बच्चों को शिक्षा की जिम्मेदारी है वे भी बेपरवाह बने हुए हैं।

विक्रमपुर पंचायत के उपसरपंच किशोरीलाल, सूरज चौहान, रतिराम चौहान, रंगो यादव, चिरोंजीलाल आदि ने बताया जब से सरकार ने प्राथमिक स्कूल खोलने की अनुमति दी है तब से आज तक स्कूल का ताला नहीं खुला है। गांव में मिडिल स्कूल भी है जो रोज खुल रही है। प्राथमिक स्कूल पर ताला देख बच्चे वापस घर लौट जाते हैं। डेढ़ साल में स्कूल की हालत भी बदतर हो गई है। कमरों में बारिश टपकता है और दीवारें काई से काली हो चुकी हैं। स्कूल ही नहीं खुला तो साफ-सफाई का तो सवाल ही नहीं उठता। क्षेत्र के स्कूलों के लिए जनशिक्षक की नियुक्ति भी हो चुकी है लेकिन वे भी अब तक यहां नहीं पहुंच सके।

मिडिल स्कूल के शिक्षकों ने भी अफसरों को प्राथमिक स्कूल नहीं खुलने की सूचना देना उचित नहीं समझा। स्कूल में दर्ज 120 बच्चों की पढ़ाई की चिंता किसी को नहीं है। सबसेे बड़ी बात तो यह है कि जिन अफसरों पर बच्चों के भविष्य और शिक्षकों पर नियंत्रण की जिम्मेदारी है वे भी गैर जिम्मेदार व हास्यास्पद बयान देते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्राथमिक स्कूल में ओमप्रकाश पांचाल पदस्थ हैं जो खंडवा में रहते हैं।

निरीक्षण करवाता हूं

प्राथमिक स्कूल नहीं खुलने की जानकारी आपसे मिली है। बुधवार को जनशिक्षक को भेजकर निरीक्षण कराता हूं। -सचिन जायसवाल, जनशिक्षा केंद्र प्रभारी

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