पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

शिकायत:हाईवे पर डामरीकरण खराब न हो इसके लिए जरूरी है किनारों पर नाली निर्माण

सनावदएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • हाईवे किनारे सनावद, बासवा व बलवाड़ा में नाली निर्माण के लिए एसडीएम ने जपं को लिखा पत्र
  • नगर सीमा में एक किमी का होना चाहिए नाली निर्माण

देशगांव से इंदौर तक हाईवे पर डामरीकरण का काम किया जा रहा है। इसके तहत अभी तक बासवा तक काम हुआ है। सनावद में भी कुछ स्थानों पर गड्‌ढे भरने का काम किया है लेकिन बारिश में पानी लगने से हाईवे पर किया डामरीकरण उखड़ जाएगा।  हाईवे से लगे सनावद, बासवा व बलवाड़ा में हाईवे किनारे निकासी नहीं होने से हाईवे पर ही पानी जमा हो रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए सनावद, बासवा व बलवाड़ा में नाली निर्माण को लेकर एसडीएम मिलिंद ढोके ने जनपद पंचायत सीईओ को पत्र लिखकर मांग की है ताकि यहां पर दोबारा डामरीकरण न उखड़े। उन्होंने इसकी प्रतिलिपि कलेक्टर व एमपीआरडीसी को भी भेजी है। सनावद में शहर में करीब 1 किमी से अधिक क्षेत्र से हाईवे गुजर रहा है। हाईवे पर कब्रिस्तान के पास, पुराना ट्रैंचिंग ग्राउंड के पास, थाने के पास, एक होटल के पास पानी जमा होने से बड़े-बड़े गड्‌ढे हो गए हैं। बाकुंड नदी के पुल से लेकर  त्रिकोण चौराहे तक करीब 1 किमी में नाली का निर्माण किया जाना चाहिए।

बासवा में स्कूल के पास हाईवे पर हो आधा किमी नाली निर्माण
बासवा गांव में शासकीय स्कूल के पास करीब 500 मीटर की पूरी सड़क खराब हो गई थी। यहां पर ट्रक फंसने से कई बार लंबा जाम लग जाता था। करीब एक सप्ताह पहले यहां पर निर्माण कंपनी ने गड्‌ढों को भरकर डामरीकरण किया है। डामरीकरण से अब लोगों को आवागमन में सुविधा मिली है लेकिन यहां हाईवे किनारे मकान से निकलने वाले पानी की निकासी नहीं होने से पूरा पानी हाईवे पर जमा हो जाता है। यहां पर करीब आधे किमी तक पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण करना जरूरी है। पंचायत ने करीब 1 साल तक पानी निर्माण के लिए जेसीबी से खुदाई की थी। फिर भी नाली निर्माण नहीं किया गया। इसी प्रकार बलवाड़ा में भी यहीं समस्या है।

डामर पर पानी लगने पर उखड़ जाता है डामरीकरण
किसी भी मार्ग पर डामरीकरण करने के दौरान पानी नहीं लगना चाहिए। मार्ग गीला या डामर पर पानी लगता है तो वह कुछ ही दिन में उखड़ना शुरू हो जाता है। उस मार्ग पर लगातार वाहन चलने से गिट्‌टी नीचे बैठकर सेट हो जाती है। साथ ही डामर चिकना होने से पानी का असर नहीं होता है। इसी प्रकार हाईवे के गड्‌ढे भरने के लिए उस गड्‌ढे को चौकोण करके पैचवर्क किया जाता है। इसके बाद डामरीकरण करने पर गड्‌ढे नहीं उखड़ते हैं।
पहले करना था डामरीकरण
शासन द्वारा हाईवे का डामरीकरण बारिश के दिनों में कराया जा रहा है। इससे बारिश में डामर नहीं टिक पा रहा है। अगर यह गर्मी के दिनों में पूरा कर लिया जाता तो शायद लंबे समय तक लोगों को सुविधा मिलती। शासन डामरीकरण के नाम पर लाखों रुपए खर्च कर रहा है।
नाली निर्माण का भेजा आदेश
एसडीएम के लिखे पत्र पर जनपद पंचायत सीईओ ने पंचायत को नाली निर्माण के लिए आदेश दिए हैं जबकि नाली निर्माण पंचायत को फंड व अन्य व्यवस्था करानी चाहिए।

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज पिछली कुछ कमियों से सीख लेकर अपनी दिनचर्या में और बेहतर सुधार लाने की कोशिश करेंगे। जिसमें आप सफल भी होंगे। और इस तरह की कोशिश से लोगों के साथ संबंधों में आश्चर्यजनक सुधार आएगा। नेगेटिव-...

और पढ़ें