लापरवाही / पांच साल से करीब 20 जर्जर मकान मालिकों को नपा दे रही है नोटिस, नहीं कर रही कार्रवाई

Notice has been given to about 20 dilapidated landlords for five years, not taking action
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Notice has been given to about 20 dilapidated landlords for five years, not taking action

  • बारिश के पहले हर साल लोगों को दिए जाते हैं नोटिस, नपा ने नहीं तोड़ा एक भी मकान
  • शिकायत के आधार पर होती है हर साल नोटिस की रस्म अदायगी

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

सनावद. शहर में मुख्य चौराहों सहित मुख्य मार्ग पर कई ऐसे पुराने मकान है जो तेज हवा या आंधी आने पर कभी भी गिर सकते हैं। इन मकानों के गिरने से किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है लेकिन नपा की लापरवाही के चलते हर साल बारिश के पहले ऐसे मकानों को नाेटिस देकर खानापूर्ति की जाती है। इन मकानों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शहर में करीब 20 मकान ऐसे हैं जिन्हें नगर पालिका करीब 5 साल से नोटिस देती आ रही है लेकिन न तो नोटिस का पालन संबंधित मकान मालिक कर रहे हैं न ही नगर पालिका इन पर कार्रवाई कर रही है।
नपा कर्मचारियों के अनुसार शहर के रेलवे गेट के पास, मोरटक्का चौराहे के पास, जवाहर मार्ग, सराफा बाजार सहित अन्य ऐसे मकान हैं, जो शहर में बहुत पुराने व जर्जर हो चुके हैं। इन मकानों के गिरने से किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन मकान मालिकों को हर साल नगर पालिका नोटिस देकर जर्जर मकान को तोड़ने व गिरने के निर्देश देती है लेकिन यह मकान अभी भी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। शहर के जर्जर मकानों को नोटिस देकर तोड़ने की अब तक नपा ने एक भी कार्रवाई नहीं की है। इससे लोगों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। नपा कर्मचारी के अनुसार करीब 5 साल पहले 40 से अधिक जर्जर मकान चिह्नित थे। इनमें से करीब 10 से अधिक लोगों ने स्वयं मकान तोड़कर नया भवन बना लिया है। बाकी अभी कई मकान जर्जर अवस्था में हैं।
नगर पालिका द्वारा जर्जर मकान के बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी अगर संबंधित मकान मालिक मकान नहीं तोड़ता है तो नपा उसे तोड़ने की कार्रवाई कर सकती है। इसमें मकान को तोड़ने का खर्च नपा द्वारा संबंधित व्यक्ति से वसूल किया जाता है। इसके बाद भी नपा कोई भी कार्रवाई नहीं करती है।

नपा के पास जर्जर मकानों की नहीं है सूची
नगर पालिका के उपयंत्री राहुल पंवार ने बताया नगर पालिका बारिश के पूर्व जर्जर मकान के मालिकों को नोटिस देती है। इस बार भी नोटिस तैयार कर लिए हैं। अभी तक करीब 5 से 6 लोगों को नोटिस दे चुके हैं। नगर पालिक के पास कोई सूची नहीं है। वह लोगों की शिकायत के बाद संबंधित व्यक्ति को नोटिस थमा दिया जाता है। पिछले साल के करीब 20 मकान मालिकाें को दोबार नोटिस दिया है। अभी तक मकान तोड़ने की कार्रवाई नहीं हुई है।

जारी किए जाते हैं नोटिस
हम जर्जर मकानों को तोड़ने के नोटिस जारी करते हैं। संबंधित व्यक्ति स्वयं ही मकान तोड़ने की बात कहते हैं। हम आर्थिक नुकसान न हो इस कारण कार्रवाई नहीं करते हैं। इस बार सख्ती दिखाकर मकान तोड़ने के निर्देश दिए जाएंगे।
-राकेश चौहान, सीएमओ नपा सनावद


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