समस्या / गेहूं तुलाई से हटाएं समय सीमा का बंधन, समर्थन मूल्य खरीदी की अवधि बढाएं

Remove deadline from wheat weighing, extend support purchase period
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  • भाकिसं ने गेहूं खरीदी में किसानों की परेशानी को दूर करने के लिए नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

सनावद. वर्तमान समय में सरकार गेहूं की खरीदी समर्थन मूल्य पर कर रही है। इसमें समय सीमा तय करने से किसानों का गेहूं तुलाई नहीं हो पा रहा है। साथ ही कई किसान गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। इसके लिए किसी भी किसान का गेहूं तोल से वंचित ना किया जाए। मैसेज की समय सीमा का बंधन ना रहे। संस्था से मैसेज आने पर व्यवस्था में कमियों के कारण माल तौलने से किसानों को वंचित किया जा रहा है। खरीदी की समय अवधि बढ़ाकर 15 जून की जाए। आवश्यकता पढ़ने पर समय फिर से बढ़ाया जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा था खरीदी देर से शुरु होती है तो उसके कम से कम 90 दिन तक खरीदी की जाएगी। बार-बार वारदात व माल उठाओ की कमी से टोल बंध नहीं हो ऐसी व्यवस्था की जाए। 
शुक्रवार को भारतीय किसान संघ ने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार कृष्णा पटेल को ज्ञापन सौंपा। साथ ही मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई। उन्होंने कहा प्याज उत्पादक किसानों को लागत भी नहीं मिल पा रही है। जिसे देखते हुए घाटे की पूर्ति के लिए सरकार घोषित करें। चना खरीदी में बिट्‌टी चने में खरीदी में किया जाए। नए किसानों को मैसेज शीघ्र भेजे जाएं। खरीदे गए गेहूं का भुगतान शीघ्र की जाए जिन किसानों का गेहूं 50 प्रतिशत राशि कर्ज के तहत काटी गई है। उसे उसके खाते में समायोजन कर उसे नवीन ऋण स्वीकृत किया जाए।
मिर्ची के साथ दिए जाएं कपास के बीज
जिले में कृषि विभाग ने मिर्ची बीज का वितरण किया था। उसी दौरान कपास बीज का वितरण किया जाए। किसान का कपास के बीज की राशि 659 को व्यापारियों द्वारा कीमत से अधिक बेच रहे हैं। जिससे किसानों काे नुकसान हो रहा है। जिले की सभी मंडियों में सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मंडिया चालू की जाए। जिससे किसान अपनी उपज मंडी में बेच सके। विद्युत मंडल के कर्मचारियों द्वारा किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। कम वॉल्टेज पर लाइन मिलने से किसानों की मोटर केबल व अन्य उपकरण जल रहे हैं। विद्युत कंपनी के भ्रष्ट अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। गेहूं चना उपार्जन केंद्र पर अधिक मात्रा में वाहनों की कतारें लग रही है। दो से तीन दिन तक वाहनों की उपज की तुलाई नहीं की जाती है। अंतिम दिनांक पास होने के कारण किसानों के लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों के लिए तौल कांटे लगाएं जाएं जिससे किसानों को वाहन भाड़ा ना लगे। यह समय किसानों की बोवनी का समय है। सीसीआई द्वारा सभी किसानों का पंजीयन कर पूरा कपास खरीदा जाए। ग्राम गवल में ओंकारेश्वर परियोजना का पानी नाले में छोड़ा जाए। जिससे किसानों की करीब 1 हजार एकड़ भूमि सिंचित हो सके। उन्होंने कहा सभी मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए। अन्यथा भारतीय किसान संघ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान हरिकरण पटेल, मांगीलाल खाटरिया, रेवाराम भायड़या, झबरसिंह पंवार, आनंदराम चौधरी, दशरथ सेजगायां अन्य मौजूद थे।

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