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  • MoU Signed Between University Mhow And Sendhwa College, There Will Be Exchange Of Academic Activities And Research Between The Two, Sendhwa College Will Benefit

अकादमिक समझौता:विवि महू और सेंधवा कॉलेज के बीच एमओयू पर हुए हस्ताक्षर, दोनों के बीच शैक्षिक गतिविधियों और शोध का आदान-प्रदान होगा, सेंधवा कॉलेज को मिलेगा फायदा

सेंधवा9 दिन पहले
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कार्यक्रम में उपस्थित प्रोफेसर और अतिथि। - Dainik Bhaskar
कार्यक्रम में उपस्थित प्रोफेसर और अतिथि।

शासकीय पीजी कॉलेज में मंगलवार को डॉ. बीआर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू और स्थानीय कॉलेज के बीच के एमओयू (अकादमिक समझौता) पर सहमति के हस्ताक्षर हुए।

कॉलेज के सभी प्राध्यापक और विद्यार्थियों की मौजूदगी में विश्वविद्यालय के सह निदेशक डॉ. पीसी बंसल और कॉलेज प्राचार्य डॉ. मीना भावसार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इससे विश्वविद्यालय और कॉलेज के बीच शैक्षिक गतिविधियों, प्रशिक्षण और शोध का आदान-प्रदान होगा। इससे ज्यादा फायदा कॉलेज को होगा।

नई शिक्षा नीति की आधारशिला है स्ट्राइड - यूजीसी की स्ट्राइड परियोजना के अंतर्गत शोध और क्षमतावर्धन पर कार्यशाला भी आयोजित की गई। इसमें आदिवासी समुदाय के विकास को लेकर सामाजिक शोध के लिए प्रेरित किया गया। महू से आए पीसी बंसल ने यूजीसी की स्कीम फॉर ट्रांस-डिसिप्लिनरी रिसर्च फॉर इंडियाज डेवलपिंग इकॉनमी (स्ट्राइड) को नई शिक्षा नीति की आधारशिला बताया। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में निहित प्रतिभा की पहचान करना, अनुसंधान की संस्कृति तथा नवाचार को बढ़ावा देना, क्षमता निर्माण करना, भारत की विकासशील अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय विकास के लिए ट्रांस-डिसिप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा देना है।

शोध से होगी शिक्षक की पहचान

बंसल ने बताया अब सतत समग्र मूल्यांकन यानी सीसीई को शोध आधारित बनाने की महती आवश्यकता है। भविष्य में शोध में ही शिक्षा और शिक्षक की पहचान होगी। शोध समाज से, पारिस्थितिकी से, गुणवत्ता से संबंधित होना चाहिए। इसके लिए फिलहाल तो सीसीई को ही रिसर्च रिपोर्ट के तब्दील करना होगा। विद्यार्थी और शिक्षक को मिलकर स्थानीय समस्याओं, समाज उपयोगी मुद्दों पर चिंतन और मनन कर रचनात्मक शोधकार्य करना होंगे। कॉलेज प्रो. डॉ. विकास पंडित ने बताया महू से आए प्रोजेक्ट एसोसिएट लव कुमार चावडिकर ने भी अपनी बात रखी। इस अवसर पर डॉ. एसआर अहिरे, डॉ. जीएस वास्कले सहित समस्त स्टाफ उपस्थित था। संचालन प्रो. महेश बाविस्कर ने किया।

आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित है नई शिक्षा नीति

उन्होंने बताया दरअसल नई शिक्षा नीति आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रीत है। उसके लिए सभी क्षेत्र सोशल, विज्ञान, मेडिकल और इंजीनियरिंग सभी को आपस में जोड़ना है। तभी विकास शाश्वत विकास में परिवर्तित होगा। स्ट्राइड प्रोजेक्ट यूजीसी की एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसमें विकासशील भारत की अर्थव्यवस्था का अंतरसंकाय शोध होगा। इसके तहत प्रदेश में आदिवासी समुदाय के विकास के लिए सामाजिक क्रिया शोध क्षमता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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