आदिवासी समाजजनों ने कहा:ग्रामसभा की अनुमति के बिना गांव के प्राकृतिक संसाधनों पर गैर आदिवासी नहीं कर सकते हस्तक्षेप

सेंधवा2 महीने पहले
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  • वरला तहसील के रोजानीमाल में हुई गांव गणराज्य ग्राम सभा में

वरला तहसील के गांव रोजानीमाल में गांव गणराज्य ग्राम सभा का आयोजन रविवार को किया गया गया। गांव गणराज्य का मतलब इस गांव के अंतर्गत आने वाले जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा आदि प्राकृतिक संसाधन का नियंत्रण अब इस गांव के लोगों का है। ग्राम सभा की अनुमति के बिना इस गांव के इन संसाधनों पर गैर आदिवासी यहां तक की राज्य केंद्र सरकार भी हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

आदिवासी समाज के प्रवक्ता विजय सोलंकी ने बताया जब हमारा देश आजाद नहीं हुआ था तब भी आदिवासी ग्रामीण इलाकों में यह व्यवस्था थी। देश आजाद होने के बाद संविधान बनाया गया। इस संविधान में भारत के कुछ राज्यों को पांचवीं और छठी अनुसूची में दर्शाया गया है। जिसमें मुख्यत: आदिवासी बहुल जिलों को शामिल किया गया है।

इसके अनुसार गांव के अंतर्गत जितने भी प्राकृतिक संसाधन हैं उन पर ग्रामसभा का नियंत्रण होगा ऐसा दर्शाया गया है। लेकिन दुःख की बात यह है कि अभी तक इसे अमल में नहीं लाया गया है। अभी भी आदिवासी लोगों को विभिन्न योजना के नाम से गांवों और जंगलों से हटाया जा रहा है। यह चिंता का विषय है। इसी को ध्यान में रखते हुए आज हमारे गांव में गांव गणराज्य ग्राम सभा आयोजित की है और गांव की सीमा पर बोर्ड लगाया गया। इसमें लिखा है कि गांव की प्राकृतिक संपदा का नियंत्रण गांव के लोगों का है। इसमें गैर आदिवासी दखल नहीं कर सकता।

ब्राह्मणे ने कहा मालिकों को अपनी मालकियत व संवैधानिक अधिकार जानना समझना होगा तभी मालिक का शोषण, मालिकों पर अत्याचार बंद होगा। कार्यक्रम में विधायक ग्यारसीलाल रावत, राजेश भाई कन्नोजे, अमरसिंह आर्य सहित अन्य मौजूद रहे।

गांव में है गांव गणराज्य सरकार

आदिवासी एकता परिषद के अध्यक्ष गजानंद ब्राह्मणे ने बताया भारतीय संविधान के अनुच्छेद 244(1) में आदिवासियों के प्रशासन व नियंत्रण के बारे में विस्तार से बताया। कंडिका (5)क का व्याख्या करते हुए बताया केंद्र व राज्य सरकार का कोई भी कानून अनुसूचित क्षेत्रों में सीधे लागू नहीं हो सकता, जब तक संदर्भ से अपेक्षित न हो। आदिवासियों की रूढ़ि, प्रथा संविधान के अंदर अलिखित संविधान है, जिसे 13(3)क में विधि का बल प्राप्त है। जिस प्रकार केंद्र व राज्य में राज्य सरकार है उसी प्रकार गांव में पारंपरिक गांव गणराज्य सरकार हैं।

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