राजयोग शिविर का समापन:आजादी के अमृत महोत्सव के  तहत 4 दिनी राजयोग शिविर

महेश्वर2 महीने पहले
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ब्रह्माकुमारीज के सेवाकेंद्र में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 4 दिनी राजयोग शिविर का आयोजन हुआ। "मानवता के लिए योग' थीम पर हुए कार्यक्रम में ब्रकु अनिता दीदी ने यज्ञ माता ओम राधे के दिव्य गुणों का वाचन करते हुए कहा मातेश्वरी नारी शक्ति की साक्षात मिसाल थी।

उनके जीवन के दो मंत्र थे। पहला हर घड़ी हमारी अंतिम घड़ी है और दूसरा हुक्मी हुक्म चला रहा है। वह हमेशा याद रखती और सबको याद दिलाती कि इसी मंत्र से हम सहज नष्टोमोहा स्मृति स्वरूप हो जाएंगे। संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका जगदंबा सरस्वती के नाम से प्रसिद्ध ओम राधे ने अपने अंदर उन सारे गुणों को आत्मसात किया जिसके कारण नर अथवा नारी को देवी-देवता की उपाधि से नवाजा जाता हैं।

57वां स्मृति दिवस पूरे भारत में आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। पौधे लगाए गए। योगा शिक्षिका मोहिनी श्रीमाली व योग प्रशिक्षक वासुदेव पुरोहित ने शिविर में सेवा दी। ब्रह्माभोजन से कार्यक्रम का समापन हुआ। खुशबू वाधवानी, उर्वशी राठौड़ आदि मौजूद थे।

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