प्रशासन का ध्यान नहीं:महेश्वरी नदी में आ गया पानी, नर्मदा में पहुंचने लगी जलकुंभी

महेश्वर2 महीने पहले
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महेश्वरी नदी से नर्मदा में जलकुंभी बहकर निकली। - Dainik Bhaskar
महेश्वरी नदी से नर्मदा में जलकुंभी बहकर निकली।

लगातार मांग के बाद भी प्रशासन के ध्यान नहीं देने से जल प्रदूषित होने की आशंका पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश के बाद नगर की महेश्वरी नदी में पानी आ गया। यह पानी बहकर आगे नर्मदा में मिला। इसके साथ महेश्वरी नदी में लंबे समय से पनप रही जलकुंभी भी नर्मदा में बहकर पहुंचने लगी है। घाट किनारे जलकुंभी जमा होने से स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं को परेशानी हुई।

महेश्वरी नदी से नर्मदा में मिलने वाली गंदगी से लगभग 200 मीटर की दूरी पर वाॅटर वर्क्स है। इससे नगर में पानी का सप्लाय होता है। गंदगी से लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। लोगों ने कहा महेश्वरी नदी में पनप रही जलकुंभी बारिश के साथ फिर नर्मदा में पहुंचेगी। इसे हटाने को लेकर तत्कालीन कमिश्नर संजय दुबे ने नर्मदा घाटी विकास विभाग के अपर सचिव को पत्र लिखा था।

इसके बाद करीब 4 करोड़ रुपए का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ साल पहले युवा संगठन ने एक पखवाड़े तक सफाई अभियान चलाकर 50 ट्राली जलकुंभी भी हटाई थी। लेकिन हर साल 300 मीटर से अधिक क्षेत्र में जलकुंभी फैल जाती है।

लोगों ने कहा बारिश का मौसम शुरू होते ही बाढ़ के साथ महेश्वरी नदी में पनपी बड़ी मात्रा में जलकुंभी नर्मदा में पहुंचकर जल को प्रदूषित करेगी। महेश्वरी नदी किनारे लगने वाले मीट मार्केट की गंदगी भी नर्मदा में पहुंचेगी। इसे हटाने के लिए कई संगठन व वरिष्ठजन लंबे समय से प्रशासन से मांग कर रहे है। लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

हादसों का भी डर
नर्मदा घाट किनारे नहाने वाले श्रद्धालु व स्थानीय लोगों को बहकर आने वाली जलकुंभी से खतरा बना हुआ है। क्योंकि जलकुंभी के अंदर जलीय जहरीले जीव-जंतु भी बैठे रहते हैं। गुरुवार की दोपहर ग्रामीण क्षेत्र में बारिश हुई थी। देर रात को नगर क्षेत्र में भी बारिश होने से नर्मदा नदी में जलकुंभी महेश्वरी नदी व मंडलेश्वर क्षेत्र की ओर से बहकर नर्मदा नदी के घाट किनारे व मध्य क्षेत्र से होकर निकली।

खेतों में बुवाई शुरू
घुघरियाखेड़ी गांव सहित देवलगांव, महम्मदपुर, सिबार, लाखी, बिलाली, दसनावल आदि में गुरुवार शाम 7.30 बजे से तेज हवा के साथ बारिश हुई। डेढ़ घंटे तक चली बारिश के दौरान बिजली गुल रही। शुक्रवार को किसानों ने मिर्च, कपास, सोयाबीन आदि की बुवाई शुरू की। किसानों ने कहा- ऐसी ही बारिश जारी रही तो जल्द अन्य फसलों की बुवाई करेंगे।

तेज बारिश हुई
कसरावद गुरुवार की रात नगर में तेज बारिश हुई। देर रात तक बारिश का क्रम कभी तेज तो कभी मध्यम गति से जारी रहा। आसपास के क्षेत्र में भी बारिश हुई। पहाड़ी क्षेत्र के नालों में पानी भरपूर रूप से बह निकला। बारिश का इंतजार करने वाले किसान खेतों की जुताई में जुट गए। क्षेत्र के 80 प्रतिशत किसानों ने गर्मी सीजन में कपास की बुवाई कर दी थी। इस फसल को बारिश से फायदा होगा।

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