भगवानपुरा विधायक केदार डावर का दबदबा:भगवानपुरा विधायक की पत्नी, भाई व दो बहू जीती, पूर्व विधायकों के बेटे व भाई हारे

खरगोन2 महीने पहले
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सेगांव व भगवानपुरा में कांग्रेस के अधिकांश उम्मीदवार जीते त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत, जनपद व सरपंच में कड़ा मुकाबला रहा। शनिवार रात तक मतदान व दूसरे दिन रविवार तक मतगणना हुई। तीनों जनपद में कांग्रेस के अधिकांश उम्मीदवार जीते हैं।

भगवानपुरा विधायक केदार डावर का दबदबा रहा। उनकी विधानसभा के भगवानपुरा व सेगांव में उनके रिश्तेदार व कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। जिला पंचायत वार्ड 8 सेगांव की सीट पर विधायक की पत्नी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कमला डावर चुनाव में थी।

यहां उनका मुकाबला निर्दलीय मोहन किराड़े से हुआ। मोहन ने जबरदस्त टक्कर दी। कमला डावर ने संघर्ष करते हुए जीत दर्ज की है। जीत का अंतर भी काफी कम रहा। पिछले चुनाव मंे कमला डावर 15 हजार वोट से जीती थी। इस बार करीब 2 हजार वोट से जीत हुई है।

विधायक के गृहग्राम सांगवी में उनके छोटे भाई महेश की पत्नी बसंतीबाई लगातार दूसरी बार सरपंच बनी है। जबकि विधायक के छोटे भाई व पूर्व सेगांव जनपद अध्यक्ष विजय डावर ने केली से जनपद सीट पर जीत दर्ज की है। विजय डावर की पत्नी सुनीता भी जनपद सीट पर विजयी रही।

सेगांव में विधायक का जादू चल गया। यहां सरपंच शांतिलाल चौहान ने 1 हजार वोटों से जीत दर्ज की है। जबकि जनपद की 12 में से 10 पर जीत तय हुई है। भगवानपुरा में भी विधायक समर्थित उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। विधायक ने सेगांव व भगवानपुरा में प्रचार अपने हाथ में लिया था। यहां भाजपा से सांसद गजेंद्रसिंह पटेल व अन्य नेताओं ने प्रचार किया था।

चार बार उपाध्यक्ष रहे कांग्रेस के कद्दावर नेता व बेटा हारा
भगवानपुरा के पूर्व विधायक जमनासिंह सोलंकी के बेटे नेपालसिंह को धूलकोट ग्राम पंचायत चुनाव में दो हजार से ज्यादा वोटों से हार मिली है। यहां उनके पिता जीत नहीं दिला पाए। भगवानपुरा के पूर्व विधायक विजयसिंह सोलंकी के छोटे भाई भूपेंद्रसिंह सोलंकी को भी हार का सामना करना पड़ा। भूपेंद्र की पत्नी पूर्व सरपंच थी।

झिरन्या के शिवना की जनपद सीट पर कांग्रेस के कद्दावर नेता व चार बार के जनपद उपाध्यक्ष रहे घनश्याम राठौड़ को भाजपा के मनोज जायसवाल ने 400 वोट से हराया है। जबकि घनश्याम के बेटे राहुल राठौड़ को मिटावल सीट से भाजपा के राधेश्याम तिरोले ने 140 वोट से जीत दर्ज की है।

इधर, झिरन्या में पूर्व सरपंच धूमसिंह पटेल की पत्नी रंगलीबाई चुनाव हार गई है। उन्हें शर्मिलाबाई पति लखन मंडलोई ने 1650 वोट से हराया है। पूर्व सरपंच भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी समर्थित था।

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