घोटाला:20 महीने पहले लगा दिए बिल, अब तक नहीं पहुंची स्कूलों में खेल सामग्री

खरगोन2 महीने पहलेलेखक: विवेक पाराशर
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जिले के प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में खेल सामग्री सप्लाई की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जिले के भगवानपुरा विकासखंड के ग्राम मदनी के प्राथमिक विद्यालय व माध्यमिक विद्यालय में पड़ताल पर पता चला कि खेल सामग्री के नाम पर प्रावि में 5 हजार व मावि में 10 के बीच तो करीब 20 माह पूर्व ही लग चुके हैं, लेकिन खेल सामग्री अब तक नहीं आई है। अब जब मामला प्रकाश में आया है तो खेल सामग्री देने की बात की जा रही है। ग्राम मदनी के भेरूपुरा प्रावि में खेल सामग्री के नाम पर प्लास्टिक के महज 2 शंकु पाए गए।

मौजूद शिक्षक का कहना है कि बाकि खेल सामग्री बच्चे अपने साथ ले गए। वहीं भेरूपुरा प्रावि व मदनी मावि के प्रधान पाठक का कहना है कि गत वर्ष की खेल सामग्री अब तक नहीं मिली है, अब संबंधित दुकान से लाने को कहा गया है। पड़ताल में स्टेशनरी व अन्य सामग्री के ऐसे बिल भी मिले हैं, जिन पर ना तो दुकानदार का मोबाइल नंबर है और ना ही प्रतिष्ठान का टीन नंबर व जीएसटी नंबर अंकित है। खेल सामग्री सहित अन्य सामग्री के भी बिल तो स्कूलों की फाइल में लगे हैं, लेकिन बच्चों व पालकों ने यह सामग्री कभी स्कूल में देखी ही नहीं।

आधा सत्र गुजरा, किताबों के ढेर लगे हैं स्कूलों में
लगभग आधा शिक्षा सत्र गुजर चुका है लेकिन पाठ्य पुस्तकों का वितरण नहीं हुआ है। स्कूलों में अब भी किताबों के ढेर लगे हैं। यह स्थिति ग्राम मदनी सहित मोहना के माध्यमिक स्कूल में भी देखने को मिली। मंगलवार सुबह 11 बजे मदनी के भेरूपुरा प्रावि में 3 में 2 शिक्षक उपस्थित थे। शिक्षक विजय पाटीदार व छाया ठाकुर स्कूल में उपस्थित थे। प्रधानपाठक मुकेश पाटीदार के ना आने को लेकर विजय पाटीदार ने बताया उनके बच्चे की तबियत ठीक नहीं, इसलिए अवकाश पर हैं। शाला में बच्चों की दर्ज संख्या 66 बताई गई, जबकि 11 बजे तक एक भी बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा था। कुछ देर बाद कुल 17 बच्चे स्कूल पहुंचे। यह भी बताया गया पिछले साल पुताई नहीं हुई है, इस बार होगी। मोबाइल पर बात करने पर प्रधानपाठक मुकेश पाटीदार ने बताया पिछले साल की खेल सामग्री का बिल मिल गया था, सामग्री अब लाएंगे। उन्होंने बताया कि सामग्री समीर स्पोर्टस लाएंगे, जबकि बिल प्राइम स्पोर्टस का लगा हुआ है।

हर साल 1.96 करोड़ की राशि सिर्फ खेल सामग्री के लिए
जिले में 2363 प्राथमिक स्कूल व 783 माध्यमिक स्कूलों के लिए खेल सामग्री की राशि जारी होती है। प्रावि के लिए 5 हजार प्रति स्कूल के हिसाब से 1 करोड़ 18 लाख 15 हजार रुपए और मावि के लिए 10 हजार प्रति स्कूल के हिसाब से 78 लाख 30 हजार रुपए अर्थात कुल 3 हजार 146 शालाओं के लिए 1 करोड़ 96 लाख 45 हजार रुपए प्रतिवर्ष सिर्फ खेल सामग्री के लिए ही जारी होते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य कई मद हैं।

निगरानी रखने वालों पर ही लगे हैं आरोप

सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों की प्राथमिक शिक्षा सहित अन्य गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए जिला शिक्षा अभियान के तहत बड़ा अमला पदस्थ हैं। इनमें डीपीसी, बीआरसी, बीएससी, जनशिक्षक व संकुल प्राचार्य तक शामिल हैं, बावजूद इसके बड़ी लापरवाहियां सामने आ रही हैं। उधर, पूर्व विधायक महाजन ने निगरानी के जिम्मेदारों पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि 2 साल में करीब 9 करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ है। शिकायत कलेक्टर व सीईओ , शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री को भी की गई है।

"स्कूलों में खेल सामग्री सहित अन्य मद से होने वाले खर्च को लेकर हुई शिकायत की जांच हर बिंदू पर सुक्ष्मता से की जाएगी। समस्त सामग्री का भौतिक सत्यापन करेंगे। उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देश अनुसार निष्पक्ष जांच कर अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।" -ओमनारायण सिंह, एसडीएम खरगोन

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