गांव सरकार का पहला चरण:जिला पंचायत में भाजपा का 4 और कांग्रेस का 6 तो जनपद में 35 व 30 सीट जीतने का दावा

खरगोन2 महीने पहले
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में शनिवार को सेगांव, भगवानपुरा व झिरन्या में मतदान के बाद मतगणना हुई। जिला पंचायत की 7, जनपद की 60, सरपंच की 171 व पंच की 562 सीटों के लिए देर रात तक मतगणना चली। अब राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों की जीत के दावे कर रहे है।

जिला पंचायत की 7 सीटों में से 6 सीटों पर कांग्रेस अपने समर्थित प्रत्याशियों की जीत बता रही है तो भाजपा ने भी 7 में से 4 पर जीत का दावा किया है। जनपद की अधिकांश सीटों पर भी राजनीतिक दल अपने समर्थित उम्मीदवारों के आगे होने की बात कह रहे है।

उधर सरपंच की 171 सीटों पर कई ऐसे प्रत्याशी जीते है जो फिलहाल किसी भी दल से जुड़े नहीं है या असंतुष्ट है। कई पूर्व सरपंचों को भी हार का सामना करना पड़ा है। शुक्रवार रात 9 बजे तक मतदान हुआ। इसके बाद रात 12 बजे मतगणना हुई । सेगांव की जिला पंचायत 8 की सीट पर विधायक केदार डावर की पत्नी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कमला डावर जीत गई।

भगवानपुरा की जिला पंचायत 5 की सीट पर पूर्व जनपद अध्यक्ष गंगाराम सोलंकी ने जीत दर्ज की है। अन्य 5 सीटों में से 4 पर कांग्रेस अपनी जीत बता रही है तो भाजपा अपनी। सरपंच की सीटों पर भी कांग्रेस के कई उम्मीदवार जीते हैं। हालांकि तीनों जनपद में सरपंच की कई सीटों पर परिणाम साफ हो गए।

जनपद व जिला पंचायत में किसी को अधिकृत घोषित नहीं किया है। हार-जीत में बदलाव भी हो सकता है। कांग्रेस के पंचायत प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष लखन पाटीदार का दावा है कि जिला पंचायत की 6 सीट कांग्रेस जीती है। सेगांव व भगवानपुरा में जनपद में भी कांग्रेस अधिकांश सीटों पर विजय रही है।

उधर, भाजपा के पंचायत चुनाव प्रभारी परसराम चौहान ने बताया कई जगह मतगणना हो रही है। स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। झिरन्या में जनपद की 25 में से 18 सीट जीती हैं। भगवानपुरा में भी भाजपा समर्थित प्रत्याशी काबिज होंगे। हालांकि अफसर जिला पंचायत व जनपद में किसी की हार-जीत का दावा नहीं कर रहे हैं।

उनका कहना है कि अधिकृत घोषणा 14 व 15 जुलाई को घोषणा होगी। गांवों में सरपंच की मतगणना का परिणाम सुनने के बाद लोगों ने जुलूस निकाला तो कई लोग घर चले गए। जनपद व जिला पंचायत की मतगणना के दौरान कई उम्मीदवारों के एजेंट ही नहीं बैठे। ऐसे में हार-जीत के आंकड़े सामने नहीं आ पाए हैं। अफसर पेटियों को तहसील मुख्यालय ले गए हैं।

झिरन्या जनपद में भाजपा की ज्यादा सीट पर जीत
झिरन्या में जिला पंचायत की तीन सीट है। यहां कांग्रेस की दो सीटों पर बढ़त बताई जा रही है। जनपद की 25 में से 18 पर भाजपा ने बढ़त बताई है। सरपंच की 76 में से 60 सीट पर भाजपा ने जीत मानी है। अंबाडोचर में राधेश्याम, आभापुरी में सोनूबाई मेहता, कुड़ी में रामसिंह भाई, कोठा बुजुर्ग में कुंवरसिंह, खारवा में राधेश्याम गोलकर, खोई में सूरसिंह, गाडग्याम में गणपत, घोड़ी बुजुर्ग में लखन, चैनपुर में राधा जग्गू, चौपाली में दिनेश अंबरसिंह चुनाव जीते हैं।

जनपद की 10 सीट कांग्रेस जीती, सेगांव में भी पार्टी समर्थित सरपंच
जिला पंचायत की एक सीट पर कांग्रेस की कमला केदार डावर जीती। जबकि जनपद की 12 सीट पर कांग्रेस से 10 उम्मीदवार जीते हैं। सरपंच की 37 में से कई सीट पर निर्दलीय व कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। सेगांव में कांग्रेस समर्थित शांतिलाल चौहान करीब 1 हजार वोट से चुनाव जीते हैं।

दूसरे नंबर पर चंपालाल आर्से रहे। उपड़ी में सुनील मोरे, कमोदवाड़ा में रविंद्र मंडलोई, केली में अश्विन ठाकुर, केशवपुरा में देवेंद्र मंडलोई, खोलगांव में गोपाल भाभर, गंधावड़ में जगदीश बड़ोले, गाटलाखेड़ी में शांताबाई तारासिंह, जमोठी में रेखाबाई रामकरण, जोजलवाड़ी में रौंदीबाई भीमसिंह, डालकी में विकास दूरसिंह, दोमवाड़ा में सावन चौहान, पनवाड़ा में किनोर पटेल, पनाली में गीताबाई रावत, बनिहार में रुकमणीबाई, बिरला में कमला चौहान, भडवाली में शेरू भटनागर, रसगांव में शांताबाई पटेल, लेहकू में सुरलीबाई लक्ष्मण, शरदपुरा में रामू रावत, श्रीखंडी में राजेश मंडलोई, सतावड़ में ग्यारसीलाल चौहान, सांगवी में बसंती डावर की जीत का दावा है। सासंद गजेंद्रसिंह पटेल ने सेगांव, भगवानपुरा व झिरन्या में प्रचार-प्रसार किया था। उन्होंने भगवानपुरा की तीन सीटों के लिए उम्मीदवारों के लिए रोड शो किया था। इसके अलावा पूर्व विधायक जमनासिंह सोलंकी व विजयसिंह सोलंकी ने भी प्रचार किया था।

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