निशुल्क आवास भोजन:शिष्यों और बटुकों ने गुरु की मनाई पुण्यतिथि

खरगोन9 दिन पहले
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कर्मकांड भास्कर के नाम से विख्यात संत श्री चित्रकूट वाले गुरुजी की पुण्यतिथि पर उनके शिष्यों व अनुयायियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। गुरुजी ने ही अपनी साधना स्थली जामगढ़ में ब्राह्मण बालकों को संस्कृत की शिक्षा दीक्षा देना सन 1949 से प्रारंभ की एवं संस्कृत पाठशाला की स्थापना कर शुरुआत की।

जहां संस्कार संस्कृत शिक्षा के साथ निशुल्क आवास भोजन विद्यार्थियों को दी जाती है भगवान महादेव के उपासक गुरु जी चित्रकूट वालों का वैशाख शुक्ल पंचमी सन 1996 में ब्रह्मलीन हो गए थे। उसके बाद से ही उनके शिष्य आचार्य शेष नारायण पांडे द्वारा संस्कृत पाठशाला का संचालन किया जा रहा है

जहां पर ब्राह्मण विद्यार्थियों को निशुल्क आवास, भोजन एवं शिक्षा दी जा रही है। शनिवार को उनके शिष्यों व पाठशाला में पढ़ने वाले बटुकों ने अपने गुरु की पुण्य तिथि पर समाधि स्थल जामगढ़ में पुष्पाजंलि भेंट की। इस दौरान कन्या पूजन एवं कन्या भोज के साथ प्रसाद वितरण का कार्यक्रम रखा गया।

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