शिकायत के बाद भी व्यवस्था नहीं:15 महीने में 2 डॉक्टरों के हुए स्थानांतरण सुविधाओं व स्टाफ को तरस रहा अस्पताल

निमरानीएक महीने पहले
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एबी रोड से लगे मगरखेड़ी गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण हुआ। करीब 15 माह पहले उद्घाटन किया गया। लेकिन यह भी स्टॉफ व सुविधाओं को तरस रहा है। हालात यह है कि अधिकांश समय यहां ताला लगा रहता है। क्षेत्र में आसपास कोई अन्य सरकारी अस्पताल भी नहीं है।

इसके चलते 20 गांवों के लोगों को इलाज के बड़वानी जिले के ठीकरी या धार जिले के धामनोद जाना पड़ रहा है। 1 करोड़ 31 लाख रुपए के भवन का 6 मार्च 2021 को उद्घाटन हुआ था। ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्हें उम्मीद थी कि अब स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा।

लेकिन कुछ ही समय बाद यह धरी की धरी रह गई। ग्रामीण क्षेत्र का इतना बड़ा अस्पताल बनने के बाद भी सुविधाओं व स्टॉफ के अभाव में बंद पड़ा है। अस्पताल चालू करने को लेकर गांव के तिलोक तिरोले ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत भी की। लेकिन इसके बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। ग्रामीणों ने बताया भवन उद्घाटन के बाद दो डॉक्टरों की नियुक्ति हुई थी। लेकिन उनका भी ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद किसी डॉक्टर की यहां नियुक्ति नहीं की गई।

दुर्घटना संभावित क्षेत्र में सुविधाओं पर ध्यान नहीं
मगरखेड़ी के महेश पटेल, परमानंद पटेल व पवन जायसवाल ने कहा अस्पताल शुरू होता है तो ग्रामीणों को सुविधाएं मिलेगी। मरीजों को बाहर गांव नहीं जाना पड़ेगा। मगरखेड़ी-निमरानी दुर्घटना संभावित क्षेत्र होने से अक्सर हादसे होते रहते हैं। कई घायल दूर के अस्पताल ले जाने व समय पर इलाज नहीं मिलने से दम तोड़ देते हैं। आसपास के 20 गांव के लोगों को भी बड़वानी व धार जिले के अस्पताल ले जाने में 10 से 20 किमी का सफर तय करना पड़ता है। घनी आबादी क्षेत्र होने के बाद भी यह हालात बने हुए हैं।

असामाजिक तत्व पहुंचा रहे नुकसान

ग्रामीणों ने कहा अस्पताल पिछले 15 माह से चालू नहीं हुआ है। रात के समय असामाजिक तत्व यहां जमा रहते हैं। तोड़फोड़ कर भवन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों को अस्पताल वाले रास्ते से गुजरने में भी डर बना रहता है।

मगरखेड़ी व बोरावां के अस्पताल के लिए स्टॉफ नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर स्टॉफ की मांग कर रखी है। प्रयास कर रहे हैं कि जल्द यहां सुविधाएं मिल सके।
-डॉ. राकेश पाटीदार, बीएमओ कसरावद

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