कपास की फसल पर संकट:विदाई के दिनों में उम्मीदों पर आफत बन बरस रही बारिश, उत्पादन पर होगा असर

खरगोन19 दिन पहले
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क्षेत्र में अधिक बारिश से कपास के घेटे काले पड़ गए हैं - Dainik Bhaskar
क्षेत्र में अधिक बारिश से कपास के घेटे काले पड़ गए हैं

सितंबर माह मानसून की विदाई का माना जाता है लेकिन इन दिनों जिले में हो रही बारिश से शुरुआती दिनों का अहसास हो रहा है। पिछले एक सप्ताह से तो रोजाना आधे से एक घंटे तक पानी बरस रहा है। इससे जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही फसलों पर विपरीत असर पड़ रहा है। बारिश से बीमारियों का प्रकोप तो कम हो गया, लेकिन खेतों में अधिक नमी व पानी भरने से फसलों में जड़सड़न की आशंका है। कपास व सोयाबीन के फल काले पड़ गए हैं। उत्पादन पर असर पड़ने पर किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

किसानों का कहना है कि विदाई लेते मानसून ने कमर तोड़कर रख दी है। शुरुआती दौर में बारिश की देरी से परेशानी हुई। अब रुक-रुककर तेज हवा के साथ बारिश होने से परेशान हो रहे हैं। मंडियों में कपास का मुहूर्त भाव सुनकर इस बार अच्छा लाभ मिलने की उम्मीदें पर भी पानी फिर रहा है। पहली फ्लश का कपास काला होने से कम दाम मिलने की आशंका है। हालांकि कृषि विभाग का मानना है कि इस बारिश से फसलों का आंशिक नुकसान ही हुआ है।

आफत की बारिश से गायब हुई किसानों के चेहरे की चमक

बोरावां. मानसून की विदाई के दिनों में एक भी दिन ऐसा नहीं बित रहा जिसमें बारिश नहीं हुई हो। पिछले एक सप्ताह से तो रोजाना आधे से एक घंटे तक पानी बरस रहा है। इससे किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है। कपास की फसल खराब होने लगी है। झेंडे पौधे पर ही काले पड़ गए हैं। किसानों ने कपास फसल से बहुत उम्मीद लगा रखी थी। लेकिन वर्तमान में बरसा रहा पानी आफत की बारिश साबित हो रहा है। इससे किसानों के चेहरे की चमक गायब हो गई है। किसान रोहित यादव, प्रवीण यादव, कृष्णलाल यादव व विकास वर्मा ने बताया मंडी मुहूर्त में खुले भाव से अच्छे लाभ की उम्मीद थी। इस बारिश ने कमर तोड़ दी है। लगातार बारिश से 10 मिनट में ही खेतों में पानी भर रहा है।

सालभर के औसत से 71 मिमी दूर बारिश का आंकड़ा
जिले में अब तक 753.9 मिमी औसत बारिश हो चुकी है। यह साल भर की बारिश के औसत 825.2 से मात्र 71.3 मिमी पीछे है। पिछले साल इस सीजन में 496.5 मिमी बारिश ही हुई थी। तहसीलवार देखे तो खरगोन, झिरन्या व भीकनगांव में सालभर के औसत से अधिक पानी बरस चुका है। गोगावां में भी औसत बारिश हो चुकी है। जबकि महेश्वर व कसरावद को छोड़ अन्य 4 विकासखंड में भी अच्छी बारिश हो चुकी है।

विदेशों में कपास फसल खराब, अच्छे दाम मिलेंगे

जिले में पिछले साल कपास के भाव 12 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचे थे। इस बार करीब 11 हजार रुपए क्विंटल से मुहूर्त हुआ और मुहूर्त के दिन ही अधिकतम भाव 12 हजार तक पहुंचा है। इस बार भी कपास के दाम किसानों को बेहतर मिलने की उम्मीद है। व्यापारी भी यही मानते हैं। उनका कहना है कि पड़ोसी देशों में प्राकृतिक आपदा के चलते कपास की फसल प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।

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