MP में डैम की दरार ने 18 गांवों को डराया:कोई बस से तो कोई पैदल ही सामान लेकर भागा; बोले- पता नहीं आगे क्या होगा...

ब्रजेश राठौर/विशाल गीते (खरगोन/महेश्वर)6 महीने पहले

मध्य प्रदेश के धार-खरगोन के 18 गांव के लोग कारम नदी पर बने डैम में आई दरार से दहशत में हैं। बांध टूटने के खतरे के बीच प्रशासन ने इन गांवों को खाली करा लिया। डर इस कदर है कि रात में कोई बस से तो कोई पैदल ही सामान लेकर सुरक्षित जगह की ओर चल दिया। ग्रामीणों ने कहा- पता नहीं अब आगे क्या होगा...। दैनिक भास्कर की टीम ने खरगोन में महेश्वर तहसील के 6 गांव जलकोटा, बड़वी, नयापुरा, कांकरिया, मोयदा और मेलखेड़ी का जायजा लिया, पढ़िए पूरी रिपोर्ट...

शुक्रवार रात 9.30 बजे का वक्त। पुलिस और प्रशासन की टीम कारम नदी किनारे बसे कांकरिया गांव पहुंची थी। पुलिस की गाड़ी का सायरन और मुनादी सुनकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। अफसरों ने गाड़ी से उतरकर तत्काल गांव छोड़ने का निर्देश दिया था। यह सुनकर ग्रामीण अपनी गृहस्थी को समेटने लगे, तभी एक अफसर ने कहा कि आप खुद को बचाएं। आप रहेंगे तो गृहस्थी दोबारा बसा लेंगे। जल्दी बस में बैठें और चलें। ग्रामीणों के चेहरे पर चिंता और असमय बांध के टूटने का डर स्पष्ट नजर आ रहा था।

ग्रामीणों के लिए प्रशासन ने वाहनों की व्यवस्था की है। मुनादी के बाद ज्यादातर ग्रामीण सामान छोड़कर चल दिए। ज्यादातर लोग अपने मवेशियों को गांव में ही छोड़ गए। कुछ ऐसे भी थे, जो उन्हें पैदल ही ले जाते दिखे। ग्रामीणों ने कहा कि कहां जाना है, यह पता नहीं है। अभी तो गांव छोड़ रहे हैं। प्रशासन और पुलिसकर्मी ग्रामीणों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने में जुटे थे।

डैम फूटने के खतरे के कारण आसपास के गांवों को खाली कराया गया है। ग्रामीणों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर ठहराया है।
डैम फूटने के खतरे के कारण आसपास के गांवों को खाली कराया गया है। ग्रामीणों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर ठहराया है।

भाई को राखी बांधने आई थी, शिविर में कटी रात
धामनोद से भाई को राखी बांधने के लिए कांकरिया आई मंजुला वास्कले ने बताया कि सभी लोग डरे हुए हैं। अब वे वापस जाना चाहती हैं, लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा कैसे जाएं। भावना ने बताया कि बहुत डर लग रहा है। अफसरों ने यही बताया कि बांध का पानी तेजी से रिस रहा है। सुरक्षित स्थान पर जाना है। हमें बस में बैठने के लिए है, अब कहां ले जा रहे हैं पता नहीं।

आसपास के स्कूलों को शिविरों में तब्दील किया गया है।
आसपास के स्कूलों को शिविरों में तब्दील किया गया है।

गढ़ी गांव में रतजगा कर रहे लोग
शुक्रवार रात साढे़ 10 बजे दैनिक भास्कर टीम कारम नदी किनारे बसे गढ़ी गांव पहुंची। यहां नदी गांव से करीब 30 फीट नीचे है। नदी के पास रिटर्निंग वॉल बनी है। यहां बाढ़ का खतरा कम है, लेकिन आशंका को लेकर गांव में अलर्ट है। गांव के कुछ लोग एक साथ ऊंचे स्थान पर बैठे मिले। इनमें पुरुष ही थे। उन्होंने बताया कि हम एक साथ बैठकर जागरण कर रहे हैं। यहां के भीम सिंह ठाकुर ने बताया कि डैम फूटने और नदी में बाढ़ आने का अलर्ट है।

ग्रामीण घरों में ताले लगाकर ऊंचे इलाकों की तरफ चले गए हैं।
ग्रामीण घरों में ताले लगाकर ऊंचे इलाकों की तरफ चले गए हैं।

धार जिले में कारम नदी पर बन रहे डैम से पानी रिसने के बाद सुधार का काम चल रहा है। डैम में दिनभर चले सुधार के बाद भी पानी का रिसाव कम नहीं हुआ। इसके बाद धार और खरगोन जिला प्रशासन ने बांध के नीचे के क्षेत्र में अलर्ट जारी किया था। इस पर अफसर रात में ही गांवों में पहुंचे थे। अफसरों ने ग्रामीणों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया। धार के 12 हजार लोगों को राहत कैंपों में शिफ्ट किया है। खरगोन में नदी से लगे 6 गांव के करीब 1000 लोगों को विस्थापित किया गया है। 5 राहत कैंप बनाए गए हैं, इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक स्कूल में लोगों को रुकवाया है।

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