अब तक 11 पर कार्रवाई:नियमों के उल्लंघन पर 6 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम के लाइसेंस निरस्त

खरगोन2 महीने पहले
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जिले में निजी अस्पताल व नर्सिंग होम लोगों की जान से खिलवाड़ के साथ ही पूरा पैसा वसूल कर सुविधाएं नहीं दे रहे थे। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के जांच के आदेश के बाद कई कमियों का खुलासा हुआ। इसमें 5 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त किया था। इसके बाद अब 6 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम का लाइसेंस खत्म किया है। एक सप्ताह पहले जिलेभर के 39 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम में 4 सदस्यों के दल ने निरीक्षण किया था।

निरीक्षण में 10 से 20 गंभीर कमियां मिली थी। इसमंे नोटिस देकर जवाब मांगा था। जवाब संतुष्ट पूर्ण नहीं होने व नियमों का पालन नहीं करने पर सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने 5 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त किए थे। इसके बाद सोमवार को 6 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम के लाइसेंस निरस्त किए हैं। इसमें श्री नाथूलाल मोरी हॉस्पिटल पीरानपीर रोड सनावद, सिद्धि विनायक हॉॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर वार्ड नंबर 15 जवाहर मार्ग सनावद, गुर्जरश्री हॉस्पिटल 522/140 वार्ड नंबर 16 बाहेती काॅलोनी जवाहर मार्ग सनावद, हॉलीक्रास हॉस्पिटल खरगोन रोड सनावद, श्री सांई हॉस्पिटल 01 न्यू जैन कॉलोनी सनावद व नर्मदा हॉस्पिटल इंदौर रोड़ सनावद का पंजीयन निरस्त किया है।

पहली बार कमियों व नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ
जिलेभर में 39 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम की जांच की जिम्मेदारी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर व जिला स्वास्थ्य अधिकारी के पास होती है। इसमें सबसे ज्यादा जिम्मेदारी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर की होती है। वह समय समय पर इनकी जांच व निरीक्षण करें। जबकि इसके उलट ब्लॉक मेडिकल आॅफिसर कभी भी इन अस्पताल व नर्सिंग होम में जांच के लिए नहीं जाते थे। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के जांच के आदेश न होते तो यह खुलासा भी नहीं हो पाता कि कितने अस्पतालों में कितनी सुविधाओं व कितने नियमों का पालन किया जा रहा है।

पहली बार सभी अस्पतालों को नोटिस दिए हैं और अब तक 11 के लाइसेंस निरस्त हुए हैं। अब तक ऐसी जांच व लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई कभी भी नहीं हुई है। स्वास्थ्य अफसरों की माने तो जिले में 25 से ज्यादा निजी अस्पताल व नर्सिंग होम के लाइसेंस निरस्त हो सकते हैं। क्योंकि इनमें कई कमियां है। लोगों को सुविधाएं नहीं दी जा रही है। उधर, कुछ दिन के बाद यह अस्पताल व नर्सिंग होम दोबारा लाइसेंस के लिए आॅनलाइन आ‌वेदन करेंगे। लाइसेंस मिलने तक सभी सुविधाएं व नियमों का पालन करेंगे। लाइसेंस मिलने के बाद ही मनमानी करना शुरू कर देंगे।

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