पेसा एक्ट:1 घंटा 36 मिनट इंतजार के बाद पहुंचे नोडल अधिकारी, सिर्फ 42 मिनट चली ग्रामसभा

खरगोन2 महीने पहलेलेखक: मनोज भटोरे
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जिला मुख्यालय से करीब 23 किमी दूर भगवानपुरा विकासखंड की 1600 आबादी वाले मदनी बुजुर्ग पंचायत का भेरुपुरा। सुबह करीब 11 बजे। शोभाराम पंचोली नामक युवक ग्रामीणों को स्कूल भवन में आने का निमंत्रण देते आगे बढ़ रहा था। ग्रामीणों के पूछने पर सचिव ने बुलाया है, ग्रामसभा होगी, पेसा एक्ट की जानकारी देंगे। उत्साहित लोग एक-एक कर स्कूल भवन पहुंचे। सुबह करीब 11.15 बजे तक सरपंच सहित 20 लोग स्कूल पहुंचे। सुबह 11.29 बजे सचिव राधेश्याम मालवीय उबड़-खाबड़ रास्ते से बाइक लेकर स्कूल परिसर में आए। ग्रामीणों से स्कूल परिसर में बैठने और नोडल अधिकारी के जल्द पहुंचने की बात कही। सरपंच पति ने कुछ ग्रामीणों के साथ स्कूल में पहुंचकर दरी बिछाई। इसके बाद शुरू हुआ इंतजार का सिलसिला।

कुछ ग्रामीण उठने लगे तो सचिव ने 11.50 बजे नोडल अधिकारी को फोन किया। ग्रामीणों को बताया कुछ ही देर में आ रहे। दोपहर 12.29 बजे एक युवक के साथ नोडल अधिकारी महेंद्र दीक्षित स्कूल परिसर में पहुंचे। बेटे का स्वास्थ्य खराब होने से देरी से आने की बात कही। दोपहर 12.34 बजे महात्मा गांधी, बाबा साहेब व बिरसा मुंडा के चित्र के पूजन के साथ ग्रामसभा की शुरूआत हुई। माेबिलाइजर ने ग्रामसभा में मौजूद ग्रामीणों के नाम लिखकर हस्ताक्षर व अंगूठा निशान लिए। दोपहर 1.19 मिनट पर नशामुक्ति की शपथ के साथ ग्रामसभा का समापन हुआ। इस बीच सभी सदस्यों को चाय पिलाई गई। बैठक के बाद स्वल्पाहार भी हुआ। ग्रामीणों ने कहा रबी सीजन की बुवाई का समय चल रहा है। डेढ़ घंटा इंतजार में ही खत्म हो गया। कुछ वार्डों की ग्रामसभा सोमवार को पंचायत भवन में हुई।

बैठक में 2 महिलाएं आई, समिति में 4 सदस्य शामिल

ग्रामसभा का अध्यक्ष शोभाराम सोम्मारिया को बनाया गया। इसके बाद समितियों का गठन हुआ। शांति व विवाद निवारण समिति में अनारसिंह सकाराम, भंगड़ा मोना, भारत, आशाराम मनोहर, नुरखीबाई सुरला व पार्वती धर्मेंद्र और वन संसाधन योजना व नियंत्रण समिति में ओंकार दारासिंह, वेस्ता भावसिंह, ज्ञानसिंह गुमान, ओंकार रामलाल, ग्यारसी नुरसिंह व बदीबाई गंदास को लिया गया। खास बात यह रही कि बैठक में 23 पुरुष व महिला सदस्य के रूप में (रजिस्टर में हस्ताक्षर के अनुसार) केवल लक्ष्मीबाई व नुरखीबाई ही आई थी। जबकि समिति में 4 महिला सदस्य सर्वानुमति से बनाई गई। तीन मौजूद पुरुषों के परिवार की महिलाओं के नाम समिति में जोड़े गए। मंगलवार को जिले की 7 जपं की 42 पंचायतों में ग्रामसभा हुई।

ग्राम के विकास के लिए ग्रामसभा में ही तैयार होंगे प्रस्ताव
नोडल अधिकारी दीक्षित ने कहा- अब गांव के विकास ग्रामीणों के हाथ में है। ग्रामसभा विकास के प्रस्ताव तैयार करेगी। खेत सड़क हो या सामुदायिक भवन, सीसी रोड या पुलिया निर्माण। ग्रामीणों को सरपंच, जनपद, विधायक के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे। अब भटकना नहीं पड़ेगा। अब ग्रामीणों की सहमति से सब काम होंगे। आप काम बताओ बजट की कमी नहीं है। किसी ने जमीन पर कब्जा कर लिया है। छोड़ नहीं रहा है तो ग्रामसभा में आवेदन दें। पुलिस के पास जाने की जरूरत नहीं है। विवादों का निराकरण भी समिति करेगी। किसी भी व्यक्ति को पुलिस सीधे पकड़कर नहीं ले जा सकती। पहले ग्रामसभा से चर्चा करना पड़ेगी। दीक्षित ने कहा ग्रामीणों की मर्जी के बगैर कोई शराब दुकान नहीं खुल सकेगी। रेत उत्खनन नहीं कर सकेगा। भले ही उसके लिए वरिष्ठ कार्यालयों से अनुमति मिली हो।

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