विरोध,जनप्रतिनिधि नहीं करा पाए विकास:मतदान के पहले लोगों का फूटा गुस्सा, कॉलोनियों में काम नहीं होने पर दे रहे बहिष्कार की चेतावनी

बड़वाहएक महीने पहले
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चुनाव आते ही नेताओं को जनता की याद आ जाती है। समय बदलने के साथ जनता भी अपनी जागरुकता बढ़ा रही है। वह जानती है पांच साल में फिर कभी मुंह नहीं करने वाले नेता प्रशासन पर चुनाव के मौके पर ही दबाव बनाया जा सकता है। त्रिस्तरीय चुनावों के साथ निकाय चुनावों से माहौल सराबोर है।

इस बीच कई काॅलोनी एेसे भी है जो चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने की तैयारी कर रहे हैं। शहर में करीब 3 कॉलोनियों के रहवासियों ने चुनाव बहिष्कार का मोर्चा खोला है। मूलभूत सुविधाओं के मोहताज काॅलोनीवासियों ने कहा- जब भी जिम्मेदारों को समस्या बताते हैं।

उनका एक ही जवाब होता है कि आपकी काॅलोनी हैंडओवर नहीं हैं। इसके लिए उन्होंने अब बहिष्कार का निर्णय लेकर अपनी बात ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचा भी दी है। हालांकि अब तक उसका असर कुछ खास नहीं हुआ हैं लेकिन काॅलोनीवासी लगातार बैठकें कर बहिष्कार करने की योजनाओं पर काम कर रहे हैं।

शुरुआत में एक काॅलोनी से शुरू हुआ बहिष्कार का दौर अब लगातार जोर पकड़ता जा रहा हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब शासन-प्रशासन व नेताओं को हमारी समस्या से लेना देना ही नहीं तो हम भी अपना मत क्यों व्यर्थ में उपयोग करें।

रहवासी बोले- तीनों कॉलोनियां हैंडओवर न होने से उलझा विकास कार्य

रेवा नगर में महिलाओं ने फिर बुलाई बैठक
क्षेत्र में चुनाव की आमद दिखते ही मूलभूत समस्याओं से परेशान लोगों खासकर महिलाओं ने मतदान के बहिष्कार का मोर्चा खोल रखा है। जानकारी अनुसार महिलाओं ने जब क्षेत्र में नेताओं को आते देखा तो इसकी योजना बनाई गई। स्थानीय रहवासी हिम्मत गौड़, नागेश मालवीय, चेतन दुबे, विकास शर्मा, योगेश सोनी, सूरज गौड़, अनिल चौरे ने बताया काॅलोनी में सीवरेज, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी काॅलोनी को नहीं मिल रही हैं।

बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या के कारण हालात इतने खराब हो जाते है कि घर से निकलना दुभर हो जाता हैं। बहिष्कार की योजना को लेकर काॅलोनी की महिलाओं ने ज्ञापन देने के बाद एक बार फिर रविवार को बैठक बुलाई गई। इसमें आगामी योजना को लेकर विचार विमर्श किया गया।

जलमग्न होती काॅलोनियां, बंद हो जाते हैं रास्ते
बारिश के दिनों में क्षेत्र की अधिकांश काॅलोनियों में जलभराव की स्थिति देखने को मिलती है। इसमें शर्मा काॅलोनी, विवेकानंद काॅलोनी, सिंचाई विभाग काॅलोनी, रेवा नगर काॅलोनी जैसी कई काॅलोनियां है जहां एक बार जलभराव होने के बाद कुछ दिनों तक क्षेत्र में घर से निकलना भी दूभर हो जाता है।

इसके साथ ही बाहरी व्यक्ति को प्रवेश करने के रास्ते तक बंद हो जाते हैं। इसके चलते बारिश के दिनों में भी बड़ी संख्या में काॅलोनीवासी अपनी आवाज बुलंद करते हैं लेकिन बीते कई वर्षों से अब तक इन समस्याओं का कोई खास निराकरण नहीं हो पाया है।

इस काॅलोनी ने भी बनाई बहिष्कार की योजना
बहिष्कार करने वाली काॅलोनियों में नर्मदाधाम कॉलोनी भी शामिल हैं। यहां की महिलाओं सरला खेड़े, मालती बिल्लौरे, निशा दुबे, ललिता शेते ने बताया मूलभूत सुविधाओं को लेकर हमाने पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया था लेकिन कुछ करना तो दूर इस क्षेत्र में वह देखने तक नहीं आए।

हमारे क्षेत्र में सीवरेज के पानी, शुद्ध पीने के पानी, सीसी रोड, सड़क निर्माण जैसी कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने के कारण हमें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कोई ध्यान नहीं देता है।

शर्मा काॅलोनी की महिलाओं ने भी बताई समस्या
रेवा नगर की महिलाओं ने जिस दिन ज्ञापन दिया। उसी दिन शर्मा काॅलोनी की महिलाओं ने भी अपनी समस्या से प्रशासन को अवगत कराते हुए चुनाव के दिन मतदान के बहिष्कार की बात कहीं। उनका कहना था कि समस्या का हल नहीं होता तब तक हमारे द्वारा हर बार एेसे ही मतदान का बहिष्कार किया जाएगा।

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