भारत जोड़ो यात्रा के 'पोस्टर बॉयज':यात्रा से 10 किमी आगे चलते हैं, पोस्टर-बैनर लगाते हैं

ब्रजेश राठौड़ (खरगोन)2 महीने पहले

मध्यप्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा का आज 6वां दिन है। यात्रा इंदौर में है। यात्रा में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके बारे में शायद ही किसी को पता हो।​​​​​​ ये लोग यात्रा में राहुल गांधी से 10 KM आगे चलते हैं। बिहार के पटना से आए 20 लोगों की टोली अपने खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था खुद करती है। परिवार और बच्चों को छोड़कर वे कन्याकुमारी से श्रीनगर की यात्रा पर हैं।

यात्रा में साथ चल रही यह टीम राहुल गांधी के बैनर-पोस्टर लगाने का काम करती है। ये लोग यात्रा के आगे-आगे चलते हैं। राहुल गांधी और भारत जोड़ो यात्रा के पोस्टर-बैनर लगाकर प्रचार कर रहे हैं। उनके चेहरे और छवि को चमका रहे हैं।

बिहार के 10 लोगों की टीम भारत जोड़ो यात्रा से 10 किलोमीटर आगे चलती है। ये टीम राहुल गांधी के पोस्टर-बैनर लगाती है। यात्रा के दौरान खुद खाना बनाते हैं। खाने का पूरा खर्चा कंपनी उठाती है।
बिहार के 10 लोगों की टीम भारत जोड़ो यात्रा से 10 किलोमीटर आगे चलती है। ये टीम राहुल गांधी के पोस्टर-बैनर लगाती है। यात्रा के दौरान खुद खाना बनाते हैं। खाने का पूरा खर्चा कंपनी उठाती है।

काम के साथ ही खुद ही तैयार करते भोजन
पूर्वांचल के गोंडा से आए शुभलाल यादव ने बताया कि वे भोजन बनाने के लिए दाल-चावल, अनाज, आटा, मसाला, सब्जियां और बर्तन साथ लेकर यात्रा कर रहे हैं। यादव ने बताया कि यात्रा जब आराम करती है, उस दौरान वे खुद भोजन बनाते हैं। थोड़ी देर आराम करने के बाद फिर यात्रा के आगे-आगे राहुल गांधी के पोस्टर लगाने चल देते हैं। उन्होंने बताया कि टीम में 20 सदस्य हैं। वे यात्रा के साथ-साथ पहले दिन से चल रहे हैं। अंतिम पड़ाव तक साथ रहेंगे।

10-10 सदस्य 2 पारी करते हैं काम
टीम के ही सदस्य ने मुकेश ठाकुर ने बताया कि हम 20 लोग 2 शिफ्ट में काम करते हैं। 10 लोग दिन में बाकी के 10 लोग रात में काम करते हैं। एक टीम यात्रा के आगे-आगे राहुल गांधी के पोस्टर लगाती है, तो दूसरी टीम यात्रा गुजरने के बाद लगे पोस्टर्स बैनर्स निकालते हैं। आराम कर रही टीम सभी साथियों के लिए भोजन बनाती है। उन्होंने बताया कि उन्हें हर महीने 15 हजार रुपए मिलते हैं। इसके अलावा, हर हफ्ते 500 रुपए अलग से भी दिए जाते हैं। खाने-पीने और रहने की व्यवस्था कंपनी ही करती है।

एक टीम जो आराम कर रही है, उनका काम सभी साथियों के लिए खाना बनाना होता है। टीम में यह जिम्मेदारी बदलती रहती है।
एक टीम जो आराम कर रही है, उनका काम सभी साथियों के लिए खाना बनाना होता है। टीम में यह जिम्मेदारी बदलती रहती है।

3 महीने से परिवार से नहीं मिले
मुकेश ने बताया कि हम लोग 7 सितंबर से कन्याकुमारी से यात्रा के साथ चल रहे हैं। 80 दिनों से हम लोग यात्रा कर रहे हैं। परिवार से मिले हुए 3 महीने हो गए। मुझे या टीम के जिस सदस्य को भी परिवार की याद आती है, मोबाइल पर ही बात कर पाता है। वीडियो कॉल भी हमेशा नहीं कर पाते। कभी यहां नेटवर्क नहीं है, तो कभी फोन ही चार्ज नहीं है। हमारे टीम के कुछ लोगों की शादी हो चुकी है, तो कुछ लोग अभी कुंवारे ही हैं।

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राहुल को स्पाइसी-मीठा पसंद नहीं:खाने में सिर्फ 20% रोटी-चावल

52 साल की उम्र में राहुल गांधी 3500 किलोमीटर की यात्रा करने निकले हैं। भारत जोड़ो यात्रा में वो सबसे तेज चलने वाले यात्री हैं। कई बार सहयात्रियों को उनके कारण दौड़ लगानी पड़ती है। राहुल ये सब कैसे मेंटेन करते हैं? राहुल स्पाइसी और मीठा खाना बिल्कुल पसंद नहीं करते। हालांकि वे क्या खाते हैं, ये सीक्रेट रखा जाता है। वे कुकिंग के शौकीन हैं। बीते दिनों खुद ही चिकन बनाया था। यात्रा के दौरान उनका किचन और रसोइया उनके साथ है। राहुल के किचन का एक अलग कंटेनर है, उनका रसोइया इसी कंटेनर में रहता है। जानिए क्या है राहुल की फिटनेस का राज...? पढ़िए, पूरी खबर...

रोज 22Km पैदल चलना, कभी डांस, कभी क्रिकेट

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मध्यप्रदेश में हैं। 52 साल के राहुल रोज 22 से 24 किलोमीटर चलते हैं। उनके साथ 75 साल का एक 'जवान' भी रोज कंधे से कंधा मिलाकर चलता है। न सिर्फ चलता है बल्कि उन सभी एक्टिविटी में पार्टिसिपेट करता है जो राहुल करते हैं। ये शख्स है भारत जोड़ो यात्रा के संयोजक दिग्विजय सिंह। दरअसल हाल ही में कांग्रेस के सीनियर लीडर जयराम रमेश ने दिग्विजय सिंह को राहुल गांधी के बाद भारत जोड़ो यात्रा का सबसे युवा यात्री बताया था। पढ़िए, पूरी खबर...

ओंकारेश्वर में राहुल-प्रियंका ने की नर्मदा आरती

मध्यप्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के तीसरे दिन राहुल गांधी ओंकारेश्वर पहुंचे। यहां वह नर्मदा आरती में शामिल हुए। राहुल गांधी के साथ उनकी बहन प्रियंका गांधी ने नर्मदा आरती की। राहुल गांधी ने मां नर्मदा को चुनरी भी चढ़ाई। दोनों भाई-बहन ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी किए। वे करीब 5 मिनट तक मंदिर में रहे। ओंकारेश्वर में राहुल गांधी धार्मिक रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने सिर पर मेहरून कलर की पगड़ी पहनी थी। गले में माला नजर आई। साथ ही, ऊं लिखा पीले रंग का शॉल ओढ़ रखा था, जबकि प्रियंका ने सिर पर चुनरी ओढ़ रखी थी। पूरी खबर पढ़ें...

जब राहुल गांधी ने थामा संन्यासी का हाथ

यूं तो राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में सुरक्षा घेरे के अंदर तेज चाल से चल रहे है, लेकिन यात्रा के दौरान जब कभी कोई प्रशंसक या कार्यकर्ता उनसे मिलने या फोटो खिंचवाने की जिद करता है तो वे कभी-कभार मान भी जाते है। मोरटक्का से बड़वाह के बीच यात्रा के दौरान पीले कपड़े पहने एक संन्यासी को राहुल ने न सिर्फ सुरक्षा घेरे के अंदर बुलाया, बल्कि काफी देर तक वे हाथ पकड़कर साथ में चलते रहे। इस तरह राहुल करीब एक से डेढ़ किमी तक उनके साथ चले। पूरी खबर पढ़ें...