धोखाधड़ूी का मामला:पार्षद राम ने कोहिनूर निधि लिमिटेड संचालन के लिए दिए थे 43 लाख रुपए

मंदसौर19 दिन पहले
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कोहिनूर निधि लिमिटेड संस्था द्वारा लोगों से की धोखाधड़ी मामले में पूर्व नपाध्यक्ष राम कोटवानी पुलिस रिमांड पर हैं। यहां पुलिस राम से संस्था के संचालक से लेकर लेन-देन सहित अन्य मामलों में पूछताछ कर रही है। राम पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे लेकिन जांच में खुलासा हुआ है कि उन्हाेंने कोहिनूर निधि लिमिटेड को चलाने के लिए 43 लाख रुपए संस्था के अकाउंट में डाले थे। इसके बाद संस्था के डायरेक्टरों ने राम की पत्नी जयश्री और पुत्र मोहित एवं हार्दिक के खाते में रुपए डाले।

बैंक अकाउंट से 30 लाख से अधिक राम व उसके परिवारजन के खाते में आने का खुलासा हुआ है। डायरेक्टर भी इसकी जानकारी पुलिस को पूछताछ में दे चुके हैं। संस्था के कागजों में डायरेक्टर आदिल व रईस ने बताया कि असल में वे सिर्फ मोहरे हैं। कोटवानी पर्दे के पीछे से संस्था का संचालन कर रहा है। डायरेक्टरों ने पुलिस को बताया कि राम ने ही डायरेक्टर बनाया व संस्था में पैसा लगाया। इसके बाद लोगों का पैसा राम स्वयं व परिवारजन के खाते में जमा कराता रहा।

मामले में शहर कोतवाली टीआई अमित सोनी ने बताया कि पूछताछ जारी है। राम से विशेष कुछ जानकारी नहीं मिली है लेकिन हम पूरा प्रयास कर रहे हैं।

संस्था के डायरेक्टर आदिल कपड़े का ठेला लगाता था, रईस वहीं पर करता था छोटा-मोटा काम

जांच में यह सामने आया हैं कि आदिल खाल में कपड़े का ठेला लगाता था। रईस उसी मार्केट में छोटा-मोटा काम करता था। इन्हें सोसायटी खोलने के लिए राम ने प्रेरित किया। राम ने दोनों को भोपाल सोसायटी खोलने के लिए परिचित के पास भेजा। सोसायटी का गठन होने के बाद रेलवे स्टेशन पर ऑफिस खोला। 10 कर्मचारी रख 100 खाते खोले गए। बाद में ऑफिस को सम्राट मार्केट स्थित राम की बिल्डिंग में शिफ्ट किया।

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