अनदेखी ,धड़ल्ले से अवैध करोबार:चांदी के नाम पर गिलट व जर्मन सिल्वर के गहने बेच रहे ज्वेलर्स, कार्रवाई नहीं

अंबाह9 दिन पहले
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चांदी के जेवर बनाता दुकानदार। - Dainik Bhaskar
चांदी के जेवर बनाता दुकानदार।

सोने के आभूषण की शुद्धता लेकर अक्सर लोगों की शिकायत सुनने को मिलती है।लेकिन चांदी के आभूषण में इससे बढ़कर हेराफेरी की जा रही है। इसका पता लोगों को तब चलता है जब वे चांदी के पुराने आभूषण ज्वेलर्स पर बेचने जाते हैं। जब दुकानदार उस गहने को जर्मन सिल्वर बताता है या कम दाम में लेता है तब बात समझ में आती है।

वर्तमान में सहालग के सीजन होने से सोने-चांदी की दुकानों पर भीड़ लगी है, वहीं दुकानदार नकली चांदी के जेवर बेचकर ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं। इसके पीछे वजह यह कि सेंट्रल एक्साइज के अधिकारी समय-समय पर सराफा बाजार की मॉनिटरिंग करने नहीं आते।

यहां बता दें कि शादी विवाह के मौके पर चांदी की पायल, चाबी रिंग, बिछिया,करधनी सहित अन्य चांदी के जेवर सबसे अधिक बिकते हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक सराफा कारोबारी ने बताया कि सामान्य तौर पर जर्मन सिल्वर और चांदी के बीच कोई अंतर नहीं दिखता।

जर्मन सिल्वर के बने आभूषण मुख्य रूप से कोलकाता,राजकोट, अहमदाबाद,आगरा तथा मथुरा से मंगाए जाते हैं। नगर में 25 से अधिक दुकानदार ऐेसे हैं जो चांदी के नाम पर जर्मन सिल्वर से बने गहने बेच रहे हैं। वहीं जर्मल सिल्वर व्हाइट मेटल होता है, जो बाजार में काफी सस्ता उपलब्ध है।

इसी तरह गिलट का भाव भी काफी कम रहता है। इसका इस्तेमाल मुख्यत:आर्टिफिशियल ज्वेलरी के निर्माण में होता है। जर्मन सिल्वर की ज्वैलरी 50 रुपए में आ जाती है। जबकि नगर के कुछ दुकानदार इसे चांदी का बताकर 400 से 500 रुपए में बेच रहे हैं। हालांकि इसका शिकार वह लोग ज्यादा होते हैं, जो भाव को लेकर मोलभाव करते हैं।

इस तरह पहचान सकते हैं शुद्ध चांदी के गहने
सराफा कारोबारियों ने बताया कि जर्मन सिल्वर की पहचान कसौटी पर घिसकर ही की जा सकती है। अगर रगड़ने पर रंग निकलने लगे तो समझिए चांदी असली नहीं है। इसके अलावा दुकानदार ग्राहक को बाजार भाव से कम कीमत पर चांदी के आभूषण दे,तो ग्राहक को सतर्क हो जाना चाहिए।

क्योंकि कोई दुकानदार बाजार से कम दर पर चांदी नहीं दे सकता। यदि चांदी के गहने पर हॉलमार्क है तो शुद्धता प्रमाणित है। हॉलमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान होता है।इसके अलावा सोने-चांदी की शुद्धता, ज्वैलरी का निर्माण का वर्ष अंकित होता है।

सबसे अधिक आगरा से आता है नकली चांदी के जेवर
नगर के अधिकांश दुकानदार चांदी मंगाने के लिए आगरा के सराफा कारोबारियों को आर्डर देते हैं। यह दुकानदार चंबल नदी के उसैद घाट के जरिए चांदी का ब्लैक व्यापार कर रहे हैं। कई बार यहां अवैध चांदी के कारोबारी पकड़े भी गए हैं। लेकिन उसैद घाट चौकी पर तैनात पुलिस जवानों की सांठगांठ से वर्तमान में यह कारोबार खूब फल फूल रहा है। इन दिनों आगरा से चांदी के मंगलसूत्र,चूडिय़ां,लौंग,पायजेब, गले की चैन, एंकलेट आदि आभूषण भारी मात्रा में मंगाए जा रहे हैं।

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