रामलीला मंचन:लक्ष्मण-परशुराम संवाद पर भाव-विभोर हुए दर्शक

कैलारस2 महीने पहले
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अलोपी शंकर महादेव आदर्श रामलीला मंडल द्वारा पुरानी सब्जी मंडी स्थित हनुमान मंदिर पर रामलीला मंचन का आयोजन कराया जा रहा है। जिसके तहत स्थानीय कलाकारों ने शुक्रवार को धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद लीला का मंचन किया। राम ने शिव धनुष तोड़ा तो सीता उनकी हो गईं। शिव धनुष टूटने की टंकार सुनकर परशुराम आए तो लक्ष्मण का उनसे विवाद हो गया।

रामलीला में लीला का मंचन राजा जनक के धनुष यज्ञ से हुआ। ऋषि विश्वामित्र भगवान राम और लक्ष्मण को लेकर धनुष यज्ञ में लेकर पहुंचते हैं। यहां राजा जनक घोषणा करते हैं कि भगवान शिव के धनुष को जो तोड़ेगा, वहीं सीता से विवाह करेगा। एक-एक करके तमाम राजाओं ने धनुष तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन कोई इसे हिला तक नहीं सका। यह सूचना पाकर राजा जनक क्रोधित हो जाते हैं और कह देते हैं कि क्या यह पृथ्वी वीरों से खाली है। यह शब्द लक्ष्मण को चुभ जाते हैं और क्रोधित होकर क्षत्रियों के इतिहास का बखान करते हैं।

विश्वामित्र उन्हें शांत कर प्रभु राम को धनुष तोड़ने की आज्ञा देते हैं। इस पर प्रभु श्री राम धनुष का तोड़ देते हैं और सीताजी उनके गले में जयमाला डाल देती हैं। इसी बीच परशुराम आते हैं तो लक्ष्मण से उनका विवाद हो जाता है। इससे पूर्व रामलीला कमेटी के अध्यक्ष देवा शर्मा पचोखरा और मंडल के वरिष्ठ कलाकार दामोदर शर्मा गुर्जरना ने भगवान श्रीहरि विष्णु का पूजन कर रामलीला की शुरूआत कराई। रामलीला में माता सीता की भूमिका आकाश शर्मा ने निभाई, वहीं दीपक शर्मा राम बने। इसके अलावा भोलू लक्ष्मण, ,श्याम सिकरवार, परशुराम बने।

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