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हड़ताल के कारण बिजली सप्लाई प्रभावित:33 केवी लाइन बंद, 5 हजार घरों में अंधेरा, बिजली कंपनी पर स्थायी कर्मचारी कम और आउटसोर्स कर्मी हड़ताल पर

मुरैना15 दिन पहले
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मुरैना व सबलगढ़ में धरना देते बिजली कंपनी केे आउटसोर्स कर्मचारी  । - Dainik Bhaskar
मुरैना व सबलगढ़ में धरना देते बिजली कंपनी केे आउटसोर्स कर्मचारी ।

आउटसोर्स कंपनी के 1017 कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली सप्लाई व्यवस्था बुधवार को 4 से 5 घंटे ठप रही। बारिश के कारण 33 केवी एमएस सिटी फीडर, 11केवी मयूरवन फीडर व रविदास नगर फीडर के इंसुलेटर काम करना बंद गए लेकिन लाइन स्टाफ के हड़ताल पर होने के कारण शहर के 5000 घरों के लोगों को बिजली संकट के दौर से गुजरना पड़ा। दोपहर 3 बजे के बाद फाॅल्ट सुधारने का काम शुरू हुआ तब लोगों को राहत मिली।

एक हजार से अधिक आउटसोर्स बिजली कर्मचारी चाहते हैं कि बिजली कंपनी अपने यहां उनका संविलियन करे ताकि आउटसोर्स कंपनी बदलने के बाद भी उनकी सेवाएं प्रभावित न हों। इधर संविदा पर सेवाएं दे रहे कनिष्ठ यंत्रियों की मांग है कि तीनों कंपनियों में सेवाएं दे रहे 140 कनिष्ठ यंत्रियों को उसी पद पर बिजली कंपनी में रेग्युलर किया जाए। कई जेई ऐसे हैं जिनको बिजली कंपनी के लिए सेवाएं देते हुए 15 साल तक हो गए हैं लेकिन उनको नियमित करने का कोई मसौदा सीएमडी के विचाराधीन नहीं है।

इसे लेकर चंबल व ग्वालियर संभाग में संविदा कर्मचारियाेंं समेत आउटसोर्स कर्मचारियों का नाराजगी 21 जनवरी से हड़ताल में बदल गई। आउटसोर्स कर्मचारियों ने सामूहिक कार्य बहिष्कार आंदोलन शुरू किया। इसका असर मुरैना सर्कल से लेकर सबलगढ़ व अंबाह, पाेरसा में दिखाई दिया।

बारिश से 33 व 11 केवी लाइन पर हुए फॉल्ट
मंगलवार की रात व बुधवार की सुबह बारिश के कारण 33 केवी एमएस सिटी फीडर व 11 केवी रविदास नगर व मयूरवन फीडर की लाइन के इंसुलेटर फ्यूज हो गए। इसके कारण एमएस फीडर 5 घंटे बंद रहा और 11 केवी से जुड़े 5000 घरों की बिजली सप्लाई 4 घंटे बाधित रही। चूंकि आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर थे इसलिए फॉल्ट को सुधरवाने की व्यवस्था नहीं बन पाई और शहर के लोग परेशान नजर आए। गणेशपुरा में तीन दिन पहले बिजली केबिल जल गई है इस कारण मोहल्ले की बिजली सप्लाई बंद है। बिजली न आने से वाटर सप्लाई भी प्रभावित रही।

जानिए अभी यह पगार मिल रही
मुरैना में आउटसोर्स कर्मचारियों को रतन एम्पोरियम नामक कंपनी ने नौकरी पर रखा है। इसमें कुशल श्रमिक का वेतन 12400 रुपए तय है। ईपीएफ काटकर श्रमिक को 10 हजार रुपए दिए जाते हैं। अकुशल श्रमिक को 10700 रुपए देना तय है उसको ईपीएफ काटकर 9000 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। यहां बता दें कि आउटसोर्स कंपनी में नौकरी पाने के लिए युवकों को 30 से 40 हजार रुपए का सुविधाशुल्क भी देना पड़ता है। उसके बाद उनकी जान जोखिम में रहती है।

5 साल में वेज रिवीजन की शर्त का उल्लंघन
पत्रापाधि अभियंता संघ के प्रांतीय विधि सचिव केके आर्य का कहना है कि बिजली कंपनी ने आउटसोर्स एजेंसियों से कर्मचारियों के संबंध में जो अनुबंध किया है उसमें पांच साल में कर्मचारियों की वेज रिवीजन की शर्त है लेकिन बिजली मध्य क्षेत्र के अधिकारी इस शर्त का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके चलते आउटसोर्स कर्मचारी 10 हजार रुपए महीने की पगार पर जिंदगी को दांव पर लगाकर बिजली कंपनी में सेवाएं दे रहे हैं। हड़ताल से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारियों की मांग जायज हैं। बिजली कंपनी को हठधर्मिता छोड़ मांगों को पूरा करना चाहिए।

बिजली फॉल्ट कल तक सही हो जाएंगे
आउटसोर्स कर्मचारी बुधवार की दोपहर 2 बजे के बाद काम पर वापस आ गए हैं। कंपनी ने उनकी कोई मांग पूरी नहीं की है। कर्मचारियों के वापस आने से शाम तक 74 में से 24 फॉल्ट सुधारने का काम किया जा चुका है। 50 फॉल्ट कल तक ठीक करा दिए जाएंगे। -पीके शर्मा, महाप्रबंधक बिजली कंपनी मुरैना

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