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बिजली अफसर-कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा:मुरैना में लाइन सुधारने खंभे पर चढ़ा कर्मचारी, करंट से मौत पर भड़का पूरा गांव

मुरैना6 महीने पहले

बिजली कंपनी के अफसर और कर्मचारियों को लोगों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कंपनी के ठेका कर्मचारी की करंट से मौत के बाद ग्रामीण भड़क गए। कर्मचारी का शव काफी देर तक खंभे पर लटका रहा। मामला मुरैना के अंबाह क्षेत्र के नयापुरा गांव का है।

नयागांव के पाराशर की गढ़ी में ठेका कर्मचारी जयचंद तोमर बिजली कंपनी में काम करता था। यहां बिजली की लाइन फॉल्ट हो गई। इस पर उसने परमिट लिया। वह खंभे पर चढ़कर फॉल्ट सुधारने लगा। इसी दौरान किसी ने लाइन चालू कर दी। करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। शव खंभे से लटका रहा। घटना की सूचना लोगों ने बिजली कंपनी के अफसरों को दी। काफी देर बाद अफसर मौके पर पहुंचे। इस पर गुस्साए ग्रामीणों ने कंपनी के अंबाह डिवीजन के उपमहाप्रबंधक अभय चोपड़ा और अन्य कर्मचारियों को घेर लिया। उनकी पिटाई शुरू कर दी।

भागने की कोशिश की, लेकिन घिर गए

ग्रामीणों के आक्रामक रुख को देखकर अफसर व अन्य कर्मचारियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और पीट दिया।

ठेका कर्मचारी की मौत करंट लगने से हो गई। काफी देर तक शव खंभे पर लटका रहा।
ठेका कर्मचारी की मौत करंट लगने से हो गई। काफी देर तक शव खंभे पर लटका रहा।

बिजली कटौती पर भी था लोगों में गुस्सा

सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने अफसरों और कर्मचारियों को बचा लिया। लोगों की मानें तो मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें बचा लिया। असल में लोग लंबे समय तक हो रही कटौती से भी नाराज थे। इस घटना ने गुस्सा बढ़ा दिया। बता दें कि उपमहाप्रबंधक अभय चोपड़ा ग्वालियर के ओएंडएम में सहायक यंत्री थे। उन्हें 15 दिन पहले ही पहली बार उपमहाप्रबंधक पद का प्रभार दिया गया है।

सुरक्षा उपकरण नहीं पहने था कर्मचारी

ठेका कर्मचारी सुरक्षा उपकरण नहीं पहनते हैं, जिससे ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इसमें अधिकारियों की गलती नहीं है।

पीके शर्मा, महाप्रबंधक, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, मुरैना

एक महीने में ये दूसरी घटना

पिछले एक महीने में बिजली कंपनी में ठेका कर्मचारियों की लाइन पर काम के दौरान मरने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले दिमनी क्षेत्र के खड़ियाहार गांव में कर्मचारी की लाइन पर काम करने के दौरान मौत हो गई थी। उसकी लाश सात घंटे तक लाइन पर टंगी रही थी, लेकिन बिजली कंपनी प्रबंधन ने उसे नीचे उतरवाने की जहमत नहीं उठाई।