• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Morena
  • The Villagers Unitedly Put Pressure On The Female Candidate Husband To Return His Name, Due To Despair, He Gave Up His Life.

चुनाव में नाम वापसी के दबाव में खुदकुशी:चंबल में लिया वोट नहीं देने का निर्णय, शर्म के मारे सरपंच प्रत्याशी के पति ने पीया तेजाब

मुरैना7 महीने पहले

सरपंच पद की प्रत्याशी को गांव वालों ने वोट नहीं देने का निर्णय लिया, तो प्रत्याशी के पति ने निराशा और शर्म के चलते खुदकुशी कर ली। उसने तेजाब पीने के बाद बेटे से कहा था कि जब गांव वाले ही अपने नहीं रहे, तो मेरा जीना का क्या फायदा। मामला मुरैना के अंबाह क्षेत्र के रुपहटी पंचायत का है।

अंबाह क्षेत्र के रुपहटी पंचायत से महिला सीट के लिए आरक्षित है। इस सीट सरपंच पद के लिए गुड्‌डीबाई कोरी व वर्षा जाटव खड़ी हुईं। गांव के पूर्व सरपंच राजेन्द्र सिंह व कुछ अन्य समाजों के लोग चाहते थे कि वर्षा जाटव जीते। लिहाजा, उन्होंने गुड्‌डीबाई कोरी के पति होतम कोरी पर नाम वापस लेने के लिए दवाब बनाना शुरू कर दिया।

होतम कोरी ने प्रत्याशी पद से पत्नी का नाम वापस नहीं लिया। बताया जाता है कि शुक्रवार-शनिवार यानि मतदान की पहली रात दो बजे गांव वालों ने मिलकर बैठक की। बैठक में जाटव, परमार, तोमर, भदौरिया, गुर्जर व अन्य समाजों के लोग शामिल हुए। इस दौरान निर्णय लिया गया कि एकराय होकर वर्षा जाटव को जिताएंगे। इसके बाद उनके मुखिया व पूर्व सरपंच राजेन्द्र सिंह ने होतम कोरी के छोटे भाई पातीराम कोरी को बुलाया। कहा- हमने वर्षा जाटव को जिताने का निर्णय कर लिया है।

लिहाजा, गुड्‌डीबाई को बिठा दिया है। तुम अब पोलिंग के लिए एजेंट नहीं बनाना। यह बात जब पातीराम ने बड़े भाई होतम कोरी से कही, तो उन्हें धक्का लगा। इसी निराशा व शर्म के चलते उन्होंने घर में रखी तेजाब की बोतल गटक ली। मरने से पहले उन्होंने बेटे दीपक कोरी व बड़े बेटे ज्ञान सिंह कोरी से कहा कि जब गांव वालों ने उन्हें अपना नहीं समझा। उनके साथ गद्दारी की, तो जिंदा रहने का हक नहीं है। मैंने तेजाब पी लिया हैै। अब हम नहीं बचेंगे। यह सुनते ही परिवार वाले उन्हें जिला चिकित्सालय लाए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।

बेटा बोला- पिता की मौत के लिए जिम्मेदार हैं गांव के लोग

होतम कोरी के बेटे दीपक कोरी का कहना है कि गांव वाले पिता की मौत के जिम्मेदार हैं। उन्होंने एक राय होकर पिता की हत्या की है। अगर वे उनसे बैठ जाने को नहीं कहते, तो वे जान नहीं देते। अगर उन्हें वोट नहीं देना था, तो नहीं देते, लेकिन बिठाने का अधिकार नहीं था। दीपक ने गांव वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, एसपी आशुतोष बागरी का कहना है कि मामले में तथ्यों की बारीकी से जांच की जाएगी। जांच के बाद संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।