बहादुर आरक्षक बोला:हत्या के आरोपी को दोबारा पकड़ना था मुश्किल, इसलिए अपनी परवाह किए बगैर उसे दबोचकर रखा

नर्मदापुरम3 महीने पहले

नर्मदापुरम जिला मुख्यालय पर आरक्षक पुरनलाल अहिरवार की बहादुरी, दिलेरी और सूझबुझ से पुलिस को बड़ी सफलता मिली। बाबई क्षेत्र के कल्लू हत्याकांड में दो साल से चकमा देकर फरार घूम रहे आरोपी जीवन मीना को आरक्षक (कोर्ट मुंशी) ने पकड़ लिया। आरोपी ने आरक्षक के सिर पर पत्थर से हमला किया। सिर में चोट लगने के बावजूद आरक्षक पूरनलाल ने अकेले ही 100 मीटर दौड़कर आरोपी को दबोच लिया और पुलिस के पहुंचने तक 15 मिनिट उसकी छाती पर बैठे रहा। हत्या के आरोपी को पकड़ने में दिलेरी और बहादुरी दिखाने वाले आरक्षक पूरनलाल अहिरवार के इस कार्य की लोग प्रशंसा और तारीफ कर रहे है। दैनिक भास्कर ने घायल आरक्षक से बातचीत की। घायल होने के बाद भी आरोपी को भागने से रोकने की वजह बताई…. सुने रियल हीरो की जुबानी

शुक्रवार शाम 4 बजे मैं जिला कोर्ट में ड्यूटी पर थे। उसी समय आरक्षक नरेंद्र भदौरिया ने सूचना दी कि बाबई थाना के अंतर्गत हत्या के मामले का आरोपी स्थाई वारंटी जीवन मीना मीनाक्षी चौक से कोर्ट के आस-पास घूम रहा है। तुम उस पर नजर रखो, मैं पहुंच रहा हूं। मैंने अकेले तलाश किया तो आरोपी जीवन लाल कोर्ट के बाहर पिपरिया रोड पर नींबू पानी के ठेले के पास बैठा हुआ मिला। मैंने बताए हुलिया और बाइक के नंबर से उसे पहचाना और उसका नाम पूछा तो वह घबरा गया। फिर मैंने उससे उसका आधार कार्ड मांगा तो वह अपनी बाइक से भागने लगा, तो पीछाकर उसे कोर्ट व नए कमिश्नर कार्यालय की दीवार के पास रोककर पकड़ लिया। थोड़ी देर बाद आरोपी ने मुझसे पानी पिलाने के लिए कहा तो मैं उसे नींबू पानी के ठेले के पास लेकर पहुंचा। इसी दौरान आरोपी जीवन लाल पानी पीने के बहाने नीचे झुका और हाथठेले के चक्के में लगा पत्थर निकालकर मेरे सिर पर हमला कर दिया। पत्थर सिर पर लगने से खून बहने लगा। इस बीच आरोपी भी उठकर भागने लगा। मैंने उसका 100 मीटर पीछा किया और एडीजे बंगले के गेट पर आरोपी को गिरा लिया। उसे भागने से रोकने लिए उसकी छाती पर बैठ गया और पुलिस कंट्रोल को सूचना देकर बुलाया। करीब 15 मिनिट तक मैं उसे दबोचकर बैठे रहा। ताकि वह भाग नहीं पाएं। वो दो साल से चकमा दे रहा था। उसे पकड़ने के लिए थाने से एक माह से फिल्डिंग जमाकर रखी थी। हत्या जैसे गंभीर अपराध का वह आरोपी है। दोबारा उसे पकड़ पाना मुश्किल होता, इसलिए मैंने अपनी परवाह करते हुए उसे पुलिस के आने तक दबोचकर रखे रखा। इस बीच कुछ राहगीर भी आकर मेरी मदद को खड़े हो गए। पुलिस सेवा में मुझे 9 साल हो चुके है। अपराधी, आरोपियों पकड़ाना हमारा फर्ज है। इसलिए तो हम पुलिस सेवा में आए है। – जैसा ही माखन नगर थाने में पदस्थ आरक्षक (कोर्ट मुंशी) पूरनलाल अहिरवार ने दैनिक भास्कर को बताया।

यह है हत्या का मामला

माखननगर टीआई हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि 30 मई 2020 को अपराध क्रमांक 245/20 में बलवा और हत्याकांड दर्ज हुआ था। इस घटना में कल्लू मीना की हत्या हुई थी। मामले में तीन आरोपी रामेश्वर मीना, अनिल मीना, ललित मीना जेल में हैं। आशीष मीना, जीवन लाल मीना, जगदीश मीना फरार चल रहे थे। शुक्रवार को कोर्ट मुंशी ने एक आरोपी जीवन लाल मीना को गिरफ्तार कर लिया है, दो आरोपी अब भी फरार हैं।

आरक्षक ने पेश की बहादुरी की मिसाल:हत्या के आरोपी को भागने से रोकने छाती पर 15 मिनिट बैठे रहा घायल आरक्षक

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