नर्मदा नदी की धार रोककर माफिया ने बनाया रास्ता:प्रशासन ने तोड़ा, सीहोर जिले का अमला रहा नदारद; विभाग की चेतावनी- जारी रहेगी कार्रवाई

सिवनी मालवाएक महीने पहले

सिवनी मालवा तहसील के अंतर्गत आने वाले नर्मदा नदी के बाबरी घाट के पास स्थित जोगला टापू पर रेत माफिया द्वारा रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। इसके लिए नर्मदा नदी की धार रोककर पत्थर व पाइप डालकर मार्ग का निर्माण करने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है।

खनिज अमला और सिवनी मालवा का राजस्व अमले ने अवैध मार्ग का निरीक्षण करने के बाद तोड़ने की कार्रवाई की। टीम में जिला खनिज अधिकारी शशांक शुक्ला, राजस्व विभाग के तहसीलदार, नायब तहसीलदार ललित सोनी सहित बड़ी संख्या में आरआई पटवारी व कोटवार शामिल रहे।

नर्मदा नदी के बीच लगे रेत के ढेर हुए गायब

बाबरी घाट के पास स्थित नर्मदा नदी में रेत के जोगला टापू के पास हुए अवैध रेत खनन को देखने शुक्रवार शनिवार को खनिज विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी पहुंचे थे। जहां पर अधिकारियों ने नक्शे और जीपीएस लोकेशन से अवैध रेत खनन के स्थल की जांच की थी।

टापू के पास सीहोर जिले के रेत माफियाओं ने जांजना मट्ठा गांव की तरफ से पोकलेन मशीनों को नर्मदापुरम जिले की सीमा में लाकर बाबरी पथाडा घाट के बीच रेत के ढेर लगाए थे। जिसका मौके पर टीम ने निरीक्षण कर पंचनामा बनाया है।

सीहोर जिला प्रशासन अमला रहा नदारद

सीहोर जिले के माफिया द्वारा नर्मदा नदी की धार रोककर रेत का अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा था। जिसकी जानकारी सीहोर जिला प्रशासन को नर्मदापुरम जिले के अधिकारियों ने पत्र के माध्यम से जानकारी भी दी थी।

दोनों जिलों के अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई करने के लिए तैयारी की गई थी। लेकिन मंगलवार को जब नर्मदापुरम जिले का खनिज अमला व राजस्व अमला कार्रवाई करने पहुंचा तो वहां पर सीहोर जिले का कोई भी अधिकारी नही आया।

इनका कहना है

वहीं जिला खनिज अधिकारी शशांक शुक्ला का कहना है कि नर्मदा नदी के बीच में अवैध रूप से नदी की धार रोक बनाए गए मार्ग को तोड़ दिया गया है। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी

खबरें और भी हैं...