28 साल बाद फिर अप्रत्यक्ष चुना जाएगा अध्यक्ष:करेली नगर परिषद अध्यक्ष बनने के लिए पार्षद चुनाव में उतरे कई दिग्गज

नरसिंहपुर2 महीने पहले
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28 साल बाद इस बार फिर से नगर अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के माध्यम से होगा। नरसिंहपुर जिले के करेली शहर में 28 साल बाद निर्मित हुई इस स्थिति के चलते पार्षदों के चुनाव काफी रोचक हो गए हैं। इस बार नगर के कई दिग्गज नेता नगरपरिषद अध्यक्ष बनने का सपना संजोए पार्षद पद के लिए मैदान में हैं।

15 वार्डों में अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख के बाद अब 40 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अनेक वार्डों में कांग्रेस-भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। कुछ वार्डों में निर्दलीय भी खेल बिगाड़ सकते हैं। मतदान प्रथम चरण में 6 जुलाई को प्रात: 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।

28 साल पहले 1994 में राघवेंद्र रघुवंशी काे पार्षदों ने अध्यक्ष चुना था। उस समय नगर अध्यक्ष के लिए शालिगराम पालीवाल की सशक्त दावेदारी देखी जा रही थी, लेकिन तत्कालीन वित्तमंत्री कर्नल अजय नारायण मुशरान के खास रहे राघवेंद्र रघुवंशी को अध्यक्ष बनाया गया था।

सीधे निर्वाचन में विधानसभा जीतने वाली पार्टी कभी नहीं जीती

1999 से 2014 तक 4 बार नगर पालिका अध्यक्ष का सीधा निर्वाचन हुआ है। करेली के साथ यह अजब संयोग है, जब-जब जनता ने चुनाव किया करेली नपा में कभी भी विस जीतने वाली पार्टी नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी नहीं जीत सकी।

  • 1999 में विधायक कांग्रेस, भाजपा समर्थित सुशीला ममार बनी नपाध्यक्ष
  • 1999 में नरसिंहपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक प्रदेश के वित्तमंत्री कर्नल अजय नारायण मुशरान थे। उस समय चुनाव चूंकि बिना पार्टी सिंबल के चुनाव हुए थे। इसमें भाजपा समर्थित सुशीला ममार निर्वाचित हुई थी।
  • 2014 विधायक भाजपा, कांग्रेस के राजेन्द्र रघुवंशी बने नपाध्यक्ष
  • 2014 में विधानसभा जीत भाजपा ने जीती वहीं परिषद में 2014 के चुनावों में कांग्रेस के राजेंद्र रघुवंशी ने भाजपा के डॉ.अरविंद कांकरिया को हराकर नपाध्यक्ष की कुर्सी अपने नाम की थी।
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