• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • 20 Cheetahs To Be Brought From Africa To Kuno National Park, Date Not Yet Decided; Waiting For The Green Signal Of The Central Government

MP में 1 नवंबर को नहीं आ सकेंगे अफ्रीकन चीते:अफ्रीका से कूनो नेशनल पार्क में लाए जाने हैं 20 चीते, अभी तय नहीं हुई तारीख; केंद्र सरकार की हरी झंडी का इंतजार

मध्यप्रदेश2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

मध्यप्रदेश में अफ्रीकन चीतों की दहाड़ सुनने के लिए अभी इंतजार करना होगा। CM शिवराज सिंह चौहान ने MP के स्थापना दिवस पर एक नवंबर को अफ्रीका से यहां चीते लाए जाने की बात कही थी। इसी हिसाब से तैयारियां भी चल रही थीं, लेकिन फिलहाल चीतों को लाने की अभी तारीख तय नहीं हो पाई है। केंद्र सरकार से तारीख मिलने का इंतजार है।

श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीका से 20 चीते लाने का प्लान है। अगस्त में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चीतों को भारत लाने की तैयारी को लेकर केंद्रीय श्रम एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से भी चर्चा की थी। दो चरण में 10 नर और 10 मादा चीते कूनो नेशनल पार्क में शिफ्ट कराने का प्लान था।

चीता को फिर से देश में लाने के लिए लंबे समय से प्रोजेक्ट चल रहा है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी को इसकी मंजूरी दी है। प्रयोग के लिए अफ्रीकन चीते को भारत के जंगलों में लाया जाए। पिछले कुछ महीनों से प्रोजेक्ट ने फिर रफ्तार पकड़ी है। MP सरकार की मंशा है कि स्थापना दिवस 1 नवंबर को ही चीते कूनो नेशनल पार्क में आ जाए, लेकिन तारीख सामने नहीं आने से मामला अटक गया है।

5 साल में 75 करोड़ रुपए होंगे खर्च
वन विभाग के अनुसार 20 अफ्रीकी चीते दक्षिण अफ्रीका से ग्वालियर लाए जाएंगे। फिर यहां से सड़क मार्ग के जरिए उन्हें कूनो राष्ट्रीय पार्क ले जाया जाएगा। 5 साल तक इनके रखरखाव पर 75 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

मार्च 2021 में हुआ था सर्वे
मार्च 2021 में एक्सपर्ट की टीम ने कूनो राष्ट्रीय पार्क का सर्वेक्षण किया था। उन्होंने रिपोर्ट में कहा था कि चीताओं को यहां रखा जा सकता है। कूनो पार्क को इस हिसाब से तैयार किया जा रहा है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रोजेक्ट पर जनवरी महीने में मीटिंग की थी। कूनो राष्ट्रीय पार्क 750 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसके बीच में सिर्फ एक गांव आता है, इसको भी कहीं और शिफ्ट कर दिया गया है।

नौरादेही अभ्यारण को भी माना था अनुकूल
कूनो के अलावा 1200 किलोमीटर में फैले नौरादेही अभ्यारण को भी चीतों के लिए अनुकूल माना गया था, लेकिन कूनो को ज्यादा अनुकूल माना गया। राजस्थान में चीतों के लिए गांधी सागर-चितौड़गढ़-भैंसरोदगढ़ अभ्यारण का भी सर्वेक्षण किया गया था। कूनो को पहले गिर से शेर लाने के लिए भी चुना गया था।

तारीख आने पर प्रोसेस बढ़ेगी
अफ्रीका से चीते लाने के लिए भारत सरकार ने तारीख तय नहीं की है। तारीख आने के बाद प्रोसेस आगे बढ़ेगी।
आलोक कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी)

खबरें और भी हैं...