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बर्बादी की बाढ़:ग्वालियर-चंबल में दो दिन में ढाई फीट बारिश; 1100 से ज्यादा गांव बाढ़ से घिरे, पेड़ पर चढ़े 3 लोगों को बचाया, आगरा-मुंबई हाईवे बंद

मध्यप्रदेश3 महीने पहले
शिवपुरी के पोहरी क्षेत्र में बाढ़ में डूबे गांव।

मध्यप्रदेश में ग्वालियर-चंबल संभाग में बाढ़ ने हालात बिगाड़ दिए हैंं। SDERF, NDRF, एयरफोर्स के बाद अब सेना को बुला लिया गया है। शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, भिंड और ग्वालियर में 1 हजार 171 गांव बाढ़ में घिरे हुए हैं। यहां रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए वायुसेना की मदद ली जा रही थी, लेकिन दिनभर खराब मौसम ने बचाव कार्य में बाधा पैदा की। शाम को कुछ इलाकों में वायु सेना के हेलीकॉप्टर पहुंचे और कई लोगों को सुरक्षित निकाला। बाढ़ का पानी आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (एबी रोड एनएच-3) पर भर गया है। इसकी वजह से हाईवे बंद हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी और श्योपुर के लिए सेना की एक-एक टुकड़ी रवाना कर दी गई है। सेना की यह टुकड़ियां उप्र के झांसी और बबीना से भेजी गई हैं। हर टुकड़ी में 80 जवान शामिल हैं। इसके साथ ही NDRF की दो टीम लखनऊ और बनारस से भेजी जा रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पिछले दो दिन में ही शिवपुरी और श्योपुर में 800 मिमी(लगभग ढाई फीट) बारिश हो चुकी है। इसी वजह से बाढ़ की स्थिति बनी है। राज्य के अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर और दतिया में बिगड़े हालातों और रेस्क्यू के लिए सेना बुलाने का फैसला किया है। इससे पहले, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा कर हालातों की जानकारी दी। उन्होंने सेना की मदद के लिए अनुरोध किया था।

शिवपुरी-श्योपुर में सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित 200 से ज्यादा गांवों में रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार से चल रहा है। अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। मंगलवार को NDRF और लोकल टीमों ने 100 लोगों को बचाया है। मंगलवार सुबह से भारी बारिश होने के कारण वायुसेना के हेलिकॉप्टर उड़ नहीं पाए। एयरफोर्स के रेस्क्यू ग्रुप कैप्टन शेरावत ने बताया कि हमारी 5 टीम तैयार है, लेकिन बादल काफी नीचे है, इस वजह से दिक्कत आई। NDRF की टीमें हाईवे पर पानी भर जाने की वजह से कई गांवों तक नहीं पहुंच पाई हैं। शिवपुरी के ग्राम बिछी में लल्लूराम, लखन, देवेंद्र आदिवासी 24 घंटे से नदी के बीच में पेड़ पर बाड़ में फंसे हुए थे। SDERF की टीम ने तीनों को सुरक्षित निकाला।

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि श्योपुर के विजयपुर और वीरपुर में स्थिति काफी बिगड़ गई है। यहां के 30 गांवों को खाली कराया जा रहा है। भिंड-मुरैना में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई है। ग्वालियर कलेक्टर ने बताया कि सुबह NDRF टीम ने बाढ़ के पानी में फंसी एक बस को रेस्क्यू किया है। मोहना, करैया गांव से सुबह लोगों को रेस्क्यू किया गया। वहीं दतिया जिले के 6 गांव में पानी ज्यादा है। मंदिर में 2 पुजारी फंसे हैं, उन्हें नाव की मदद से निकाला जा रहा है।

शिवपुरी के पोहरी और कोलारस क्षेत्र में कुछ लोग फंसे हैं। बिछी गांव में रात भर 3 लोग पेड़ पर फंसे रहे। दोपहर एक बजे बाद एसडीआरएफ ने सभी को बोट से सुरक्षित निकाला।

इधर, सोमवार रात करीब 10 बजे मड़ीखेड़ा डैम के 8 गेट खोल दिए गए। डैम में वॉटर लेवल 342 मीटर हो गया है। इससे हालात और बिगड़ गए हैं। शिवपुरी, श्योपुर के अलावा भिंड, ग्वालियर और दतिया में भी बाढ़ की स्थिति बन गई है। हरसी डैम के गेट खुलने से ग्वालियर के भितरवार में सिंध और पार्वती नदी उफान पर आ गई हैं। प्रशासन ने मंगलवार सुबह शिवपुरी की सीमा से लगे खिरिया गांव को खाली करा लिया है। साथ ही 10 से 12 गांव में अलर्ट जारी किया है। चंबल नदी भी उफान पर आ गई है। इसकी वजह से भिंड-मुरैना के 100 से ज्यादा गांवों को अलर्ट किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। शिवपुरी के प्रभारी मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया जिला मुख्यालय से रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर रख रहे हैं।

सोमवार रात मुख्यमंत्री ने श्योपुर कलेक्टर से बात की। उन्होंने प्रशासन को नदी किनारे बसे गांवों की हालात पर नजर रखने और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही नदियों के बढ़ते जलस्तर पर भी निगरानी रखने के लिए कहा है।

बता दें कि सोमवार को शिवपुरी के पोहरी तहसील में पार्वती नदी के चारों तरफ हर्रई, बरखेड़ा, सिलपरी और रायपुरा गांव में करीब 2000 से ज्यादा लोगों को NDRF, SDERF और वायुसेना ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं, श्योपुर में NDRF और SDERF की टीम बचाव कार्य में जुटी है। मंगलवार को भी राहत और बचाव अभियान मौसम खराब होने की वजह से प्रभावित रहा।

हाईवे डूबने के कारण रेस्क्यू टीम गांवों तक नहीं पहुंच पा रही है।
हाईवे डूबने के कारण रेस्क्यू टीम गांवों तक नहीं पहुंच पा रही है।

शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में स्थित नवोदय विद्यालय का स्टाफ और प्रिंसिपल अपने परिवार वालों के साथ फंस गए थे। मंगलवार सुबह गांव वालों ने ट्यूब और रस्सी की मदद से सभी को निकाला। अभी भी कुछ लोग गांव में फंसे हैं। शिवपुरी के पिपरौधा गांव से 5 लोगों को रेस्क्यू किया गया।

नवोदय विद्यालय से बच्चों को निकालते ग्रामीण।
नवोदय विद्यालय से बच्चों को निकालते ग्रामीण।

तेज बारिश के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में उतर नहीं पाए दो हेलिकॉप्टर
सोमवार से ग्वालियर एयरबेस से भारतीय वायुसेना के तीन हेलिकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। दो हेलिकॉप्टर तेज बारिश के कारण शिवपुरी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उतर नहीं पाए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार सुबह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर चर्चा कर वायुसेना की मदद मांगी थी। इसके बाद वायु सेना के चार हेलिकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे। मंगलवार को मौसम खराब होने की वजह से हेलिकॉप्टर रेस्क्यू नहीं कर पा रहे थे लेकिन शाम को अभियान शुरू हो गया।

श्योपुर में लगातार बारिश की वजह से जिला टापू बना हुआ है। जिले के कराहल और विजयपुर क्षेत्र 100 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हाईवे पर बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इसकी वजह से श्योपुर का राजस्थान से तीसरे दिन भी संपर्क कटा हुआ है। यही हाल गुना का है। कई गांवाें में बाढ़ की स्थिति है।