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फर्नीचर-झूलेवाला को बनाया पलंगवाला, देखें VIDEO:झूले-सोफा कारीगर को इंदौर में रोजाना लोहे के 100 पलंग बनाने का ऑर्डर, 12 मजदूर दिन-रात लगाए, फिर भी डिमांड पूरी नहीं

इंदौर12 दिन पहलेलेखक: हेमंत नागले
मरीजों के लिए लोहे की पलंग तैयार करते कारीगर।

इंदौर में ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ ही बेड्स की बहुत कमी है। संक्रमितों को अस्पतालों में बेड्स के लिए भटकना पड़ रहा है। इसका अंदाजा एक फर्नीचर वाले की दुकान पर चल रहे काम से लगाया जा सकता है। यहां कुर्सी और सोफे का काम छोड़कर लोहे के पलंग अस्पतालों के लिए तैयार किए जा रहे हैं। एक महीने से 12 मजदूर इस काम में लगे हैं। रोज 100 लोहे के पलंग तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी ऑर्डर पूरा नहीं हो पा रहा है।

भास्कर संवाददाता ने कलेक्टर कार्यालय के समीप चंद्रभागा पुल स्थित जीतू फर्नीचर झूलेवाले की दुकान का जायजा लिया। यहां 12 मजदूर वेल्डिंग करते मिले। दुकान के मालिक सुनील वर्मा ने पूछा कि, लॉकडाउन में उनकी दुकान खुली है। इस पर सुनील ने कहा, पुलिस आती है, नगर निगम के अफसर भी आते हैं, मगर रोकते-टोकते नहीं। ये पलंग कोरोना मरीजों के लिए बना रहे हैं।

पहले यहां सोफे और कुर्सी बनाने का काम होता था, लेकिन आजकल पलंग बन रहे हैं, वो भी सिर्फ लाेहे के। रंग रोगन समेत बाकी काम कोई और करता है। कोरोना काल में मरीजों के लिए पलंग की जरूरत पड़ी, तो उन्हें इसका ऑर्डर मिला। उसके बाद से वे केवल पलंग बना रहे हैं। रोज 100 पलंग तैयार कर देते हैं। कुछ पलंग अस्पतालों में जाते हैं, तो कुछ घरों में।

मार्च के बाद अचानक मांग बढ़ी, कारीगर बढ़ाने पड़े
सुनील वर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष तो इस तरह का काम नहीं चल रहा था, लेकिन 2021 में मार्च के बाद अचानक लोहे के पलंग की मांग बढ़ गई। 10 से 12 कारीगर लगा कर भी पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। शहर में कई जगह शायद तक इस तरह से बिस्तर बनाने का काम चल रहा होगा।

बेड और ऑक्सीजन की कमी आई है
पिछले दिनों से इंदौर में बेड ऑक्सीजन और इंजेक्शन की मारामारी थी। उसमें भी कुछ कमी आई है। कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या भी नए मिलने वालों की तुलना में बढ़ने लगी है।

फर्नीचर की दुकान जहां पहले कुर्सी और सोफे बनते थे। अब सिर्फ पलंग बना रहे हैं।
फर्नीचर की दुकान जहां पहले कुर्सी और सोफे बनते थे। अब सिर्फ पलंग बना रहे हैं।

1787 मरीज एक दिन में मिले, संक्रमण की दर 17% पर

मेडिकल बुलेटिन में भी एक्टिव केस घट कर 10819 हो गए हैं। हफ्तेभर यह संख्या 13 हजार से ज्यादा की थी। 1787 नए मरीज मिले और संक्रमण दर 17% के आसपास हो गई है। कुछ दिनों पहले 22-23 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। 23 अप्रैल को 80 % रिकवरी रेट था, जो कल बढ़कर 84-85 % तक पहुंच गया।

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