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चरवाहे को मारने के बाद भालू की भी मौत:पन्ना टाइगर रिजर्व के जंगल में ग्रामीण की मिली लाश, अफवाह उड़ी- आदमखोर बाघ ने मार डाला, वन विभाग ने कहा- भालू ने मारा

पन्ना8 दिन पहले
भालू ने चरवाहे का मुंह नोच कर उसे मार डाला।

पन्ना टाइगर रिजर्व के गंगऊ अभयारण्य में भालू ने हमला कर एक चरवाहे की जान ले ली। भालू ने उसका मुंह बुरी तरह से नोच लिया था। बगौंहा का रहने वाला हरदास अहिरवार (55 ) भैंस ढूंढने जंगल में अकेला गया था। घटना मंगलवार की है। देर शाम तक चरवाहा घर नहीं लौटा तो परिजन ने उसकी तलाश की। देर रात एक नाले के पास जंगल में उसकी लाश मिली। घटना के दूसरे दिन 21 जुलाई को भालू की भी मौत हो गई।

लाश जिस हालत में थी, उसे देखकर अफवाह उड़ गई कि आदमखोर बाघ ने चरवाहे को शिकार बनाया है। वन विभाग के अफसर और कर्मचारी घटनास्थल पहुंचे। जांच के बाद उन्होंने पाया कि हमला बाघ ने नहीं, भालू ने किया है। पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने भालू के हमले की पुष्टि की है।

वन रेंजर आरए श्रीवास्तव ने बताया कि कोर एरिया के घने जंगल में मवेशी चराने पर रोक है। इसके बाद भी गांव वाले यहां मवेशी लेकर आ जाते हैं। रेंजर के अनुसार, हरदास की डेड बॉडी जब ट्रैक्टर से गांव लाई जा रही थी, तब घटनास्थल के पास ही हमलावर भालू को भी देखा गया था।

भालू की मौत के कारणों की होगी जांच

वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि जंगल में भालू की तलाश की जा रही थी। बुधवार दोपहर 12 बजे भालू दिखा। वह रेस्क्यू टीम की ओर बढ़ा, लेकिन कुछ देर बाद गिर पड़ा। काफी देर बाद करीब जाकर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी।

माना जा रहा है कि भालू रैबीज से पीड़ित था। ऐसी स्थिति में वन्य प्राणी आक्रामक हो जाते हैं और लोगों पर हमला करने लगते हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा का कहना है कि अमृत भालू के पोस्टमार्टम के बाद मौत की असल वजह सामने आएगी।

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