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MP के 17 जिलों में हुई तूफानी बारिश:सीजन में सबसे ज्यादा भोपाल में 69 इंच पानी गिरा; 3 दिन बाद फिर होगी झमाझम

भोपाल2 महीने पहलेलेखक: अनूप दुबे

मध्यप्रदेश में मानसून सीजन को 3 महीने हो चुके हैं। मानसून ने 16 जून को प्रदेश में एंट्री की थी। अब तक 17 शहरों में बारिश की हाफ सेंचुरी पूरी हो चुकी है। यानी यहां 50 इंच या इससे अधिक पानी गिर चुका है। सबसे ज्यादा बारिश भोपाल में 69 इंच हुई है। जुलाई और अगस्त में सबसे ज्यादा पानी गिरा। सितंबर के पहले दो सप्ताह में कम पानी गिरा, लेकिन तीसरे सप्ताह में 4 दिन की बारिश ने कई इलाकों को लबालब कर दिया।

शनिवार से प्रदेश को तेज बारिश से राहत मिली। अधिकतर इलाकों में धूप-छांव रही। खंडवा, उमरिया, छिंदवाड़ा, सतना, दमोह, जबलपुर और ग्वालियर में हल्की बारिश हुई। सबसे ज्यादा खंडवा में 1 इंच से ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में दोपहर तक बादल छाए रहे। फिर हल्की धूप निकली। प्रदेश में 21 और 22 को फिर से झमाझम होने के आसार हैं।

प्रदेश में अब तक 44 इंच पानी गिरा
प्रदेश में अब तक 44 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य 36 इंच से 8 इंच ज्यादा है। जुलाई और अगस्त में 17-17 इंच बारिश हुई थी। सितंबर में भी 6 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। तीसरे सप्ताह में अभी दो दिन और बारिश के आसार हैं। यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। प्रदेश में मध्य के इलाकों में अच्छी बारिश हुई है। बुंदेलखंड, बघेलखंड और ग्वालियर-चंबल में हालात ज्यादा अच्छे नहीं हैं।

ज्यादा बारिश होने का यह कारण
अधिक बारिश वाले इलाकों में से अधिकांश जिलों में अरब और बंगाल की खाड़ी से आने वाले दोनों मानसून का असर पड़ता है। ऐसे में इन इलाकों में ज्यादा बारिश हुई है। आमतौर पर यहां प्रदेश की सबसे ज्यादा बारिश होती है।

कम बारिश होने के ये कारण
रिटायर्ड मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि कम बारिश वाले जिलों में किसी एक तरफ से यानी या तो अरब सागर या फिर बंगाल की खाड़ी से आने वाले मानसून से बारिश होती है। यानी इन इलाकों में कम बारिश होने के लिए भौगोलिक स्थितियां जिम्मेदार हैं। ये इलाके दूसरे राज्यों के बॉर्डर पर होने के कारण वहां की परिस्थितियों का भी असर पड़ता है।

20 सितंबर से नया सिस्टम एक्टिव होगा
फिलहाल मानसून का मध्यप्रदेश में 5 दिन का ब्रेक हो गया है। 18 से लेकर 20 सितंबर तक प्रदेश में ज्यादा बारिश नहीं होने के आसार हैं। अगला सिस्टम 20 सितंबर से सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 21 और 22 सितंबर को बारिश की संभावना जताई है।

भोपाल समेत इन जिलों में फिर गिरेगा पानी
21 और 22 सितंबर को प्रदेश कई इलाकों में बारिश हो सकती है। इनमें भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, उमरिया, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, बैतूल, हरदा और नर्मदापुरम शामिल हैं।

दिन का पारा 30 डिग्री के आसपास
प्रदेश में दिन का पारा लगातार कम बना हुआ है। पिछले 3 दिन से यह 30 डिग्री के नीचे ही चल रहा है। रात का पारा भी 25 डिग्री के नीचे है। शनिवार को अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा रीवा, सीधी, नौगांव, गुना, ग्वालियर, राजगढ़, रतलाम और खजुराहो में 32 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा।

1 जून से अब तक हुई बारिश (आंकड़े इंच में)

जिला

इतनी बारिश हुईहोनी थी

अनूपपुर

44.9237.01
बालाघाट55.2046.42
छतरपुर32.9935.55
छिंदवाड़ा60.5937.28
दमोह38.2741.18
डिंडोरी40.8744.84
जबलपुर42.9142.60
कटनी33.0335.63
मंडला51.8545.12
नरसिंहपुर48.1139.53
निवाड़ी38.1129.61
पन्ना38.5841.10
रीवा26.6136.85
सागर50.3940.08
सतना29.9235.75
सिवनी50.3938.23
शहडोल36.3437.13
सीधी27.1738.98
सिंगरौली27.4432.36
टीकमगढ़31.4634.45
उमरिया38.9040.47
आगर मालवा54.2533.78
अलीराजपुर23.9832.05
अशोकनगर45.7532.05
बड़वानी28.0724.21
बैतूल60.5939.06
भिंड24.5323.19
भोपाल69.0336.02
बुरहानपुर43.3127.17
दतिया22.7228.11
देवास52.1333.78
धार28.3529.84
गुना59.6135.47
ग्वालियर24.3327.05
हरदा53.6640.67
इंदौर39.8032.09
झाबुआ27.8332.72
खंडवा37.1729.13
खरगोन29.5726.18
मंदसौर39.3331.38
मुरैना23.2724.72
नर्मदापुरम65.7947.64
नीमच42.6829.53
रायसेन60.7140.91
राजगढ़66.0233.74
रतलाम44.8434.29
सीहोर58.8640.24
शाजापुर50.1333.82
श्योपुरकलां36.4625.51
शिवपुरी36.0229.88
उज्जैन41.4633.27
विदिशा59.0638.78