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MP में OBC आरक्षण पर फिर सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार:CM शिवराज बोले-नए सिरे से रखेंगे फैक्ट, OBC आरक्षण के साथ चुनाव हमारी कोशिश

भोपाल3 महीने पहले

मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण के बिना पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार सर्वोच्च न्यायालय में मॉडिफिकेशन ऑफ ऑर्डर दायर करेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नए तथ्यों के साथ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। हमारी कोशिश है कि OBC आरक्षण के साथ चुनाव हो। इससे पहले सीएम शिवराज सिंह दिल्ली में देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से मिले। इस दौरान मध्यप्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायतों के चुनाव में ओबीसी आरक्षण के सिलसिले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विधिक पक्षों पर विस्तृत चर्चा की। सीएम शिवराज सिंह के साथ मंत्री नरोत्तम मिश्रा और भूपेन्द्र सिंह भी मौजूद रहे। सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि हम ओबीसी वर्ग को उसका हक दिलाने के लिए संकल्पित हैं।

यह कहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा और भाजपा सरकार सदैव से यह प्रयास करती रही है कि हम समाज के हर वर्ग को न्याय दें। सामाजिक न्याय और सामाजिक समरसता के साथ। इसलिए हमने सदैव प्रयास किया कि ओबीसी को भी उसके अधिकार मिलना चाहिए। मध्यप्रदेश में पाप कांग्रेस ने किया। पंचायत चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई थी। लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ता कोर्ट में गए और स्थिति यह आई कि ओबीसी का आरक्षण के बिना चुनाव कराए जाएं।

सीएम ने कहा कि हम अपनी पूरी टीम के साथ विधि विशेषज्ञों से मिले। एडवोकेट की टीम से मिले। प्रमुख रूप से सॉलिसिटर जनरल और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल से भी मिले। सारी चीजों पर हमने डिसकस किया है। इसके बाद यह फैसला किया है कि हम मोडिफिकेशन के लिए सुप्रीम कोर्ट में फिर से जाएंगे और जो तथ्य हैं ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने के, वो फिर एक बार पूरी ताकत से सुप्रीम कोर्ट में रखेंगे। हम यह विश्वास करते हैं कि ओबीसी को न्याय दिलाने में हम सफल होंगे।

सीएम शिवराज और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नई दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर उनसे ओबीसी आरक्षण के संबंध में चर्चा की।
सीएम शिवराज और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नई दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर उनसे ओबीसी आरक्षण के संबंध में चर्चा की।

इधर, कांग्रेस-बीजेपी ने चुनाव को लेकर रणनीति बनाना शुरू कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा- कांग्रेस पार्टी चुनाव में OBC कैंडिडेट्स को 27% टिकट देगी। इससे एक कदम आगे BJP प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कह दिया कि योग्यता रखने वाले OBC कार्यकर्ताओं को इससे ज्यादा सीटों पर टिकट देंगे।

इस बीच, राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से मिले डायरेक्शन का पालन कराने के लिए चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को इंटरनल बैठक बुला ली। राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 30 जून तक कराए जाएंगे। इसके लिए समीक्षा की गई कि यदि आज हमें चुनाव डिक्लेयर करना हो, तो क्या हम इसके लिए तैयार हैं? हमारी तैयारी पूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया है। इन दो सप्ताह में हम चुनाव की घोषणा कर देंगे। एक चुनाव (नगरीय निकाय चुनाव) ज्यादा से ज्यादा 10 से 12 जून तक खत्म कर देंगे। दूसरा चुनाव (पंचायत चुनाव) 30 जून तक खत्म करेंगे। आयोग ने इस संबंध में 12 मई यानि गुरुवार को प्रदेश के सभी कलेक्टरों की बैठक बुलाई है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मुलाकात की।

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किसी भी स्थिति में 24 मई को चुनाव अनांउस करेंगे

राज्य निर्वाचन आयुक्त सिंह ने साफ तौर पर कहा कि अर्बन बॉडी का परिसीमन है। रूरल बॉडी का परिसीमन भी है। चूंकि नगरीय निकाय में परिसीमन और आरक्षण दोनों उपलब्ध हैं, इसलिए चुनाव हम आज ही डिक्लेयर कर सकते हैं। उसमें कोई कमी नहीं है। पंचायत में परिसीमन है, अभी आरक्षण नहीं है। तो आरक्षण के बिना हमें डिक्लेयर करने में दिक्कत होगी या सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार हमें पीछे 2019 में जाना होगा, लेकिन तब से परिस्थितियां बदल गई हैं। कई पंचायतें खत्म हो गई हैं। कुछ अर्बन बॉडी आ गई हैं। हालांकि हमें चुनाव कराने के आदेश का पालन करना है। यदि विवशता हुई, तो हमें 2019 के हिसाब चुनाव कराएंगे, लेकिन हमें समय सीमा में आरक्षण मिल जाता है, तो हम नए हिसाब से चुनाव करांएगे। किसी भी स्थिति में हम 24 मई से पहले दोनों चुनाव अनाउंस कर देंगे। कोशिश होगी कि 30 जून तक पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव खत्म कर दें।

सरकार सफल होती है, तो मॉडिफाइड ऑर्डर का पालन करेंगे

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि रिव्यू पिटीशन तो दायर नहीं हो सकती। क्योंकि यह फाइनल ऑर्डर नहीं है, अंतरिम ऑर्डर है। इस पर मॉडिफिकेशन की एप्लीकेशन लग सकती है। सरकार ने कहा है कि वो उनका अधिकार है। अगर सरकार मॉडिफिकेशन के लिए जाती है, उसमें सफल होती है, तो उसके अनुसार काम करेंगे। हमें तो कोर्ट का आदेश का पालन करना है। हमने कलेक्टर्स के साथ बैठकें की हैं। हम बहुत समय से तैयार हैं। हमें इलेक्शन कराने में दिक्कत नहीं होगी। एक चुनाव ज्यादा से ज्यादा 10-12 जून तक खत्म कर देंगे। दूसरा चुनाव 30 जून तक खत्म करेंगे।

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कांग्रेस ने की विधानसभा के विशेष सत्र की मांग

कांग्रेस ने OBC आरक्षण को लेकर BJP और शिवराज सरकार पर हमला बोला। कहा- दोनों RSS के एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने पक्ष मजबूती से नहीं रखा। इसी का परिणाम है कि सुप्रीम कोर्ट ने OBC आरक्षण के बिना पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव का फैसला दिया। पीसीसी कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि यदि BJP और शिवराज सरकार की OBC को आरक्षण देने की मंशा है, तो विधानसभा का विशेष सत्र तत्काल बुलाया जाए।

यहां से संविधान में संशोधन के लिए प्रस्ताव के लिए भेजिए। केंद्र में भी बीजेपी की सरकार है। कांग्रेस ने मांग रखी कि मध्यप्रदेश ही नहीं, देशभर में ओबीसी को 27% आरक्षण की व्यवस्था की जाए। जिस तरह से सामान्य वर्ग को 10% आरक्षण देने के लिए भारतीय संविधान में संशोधन किया, उसी तरह पिछड़े वर्ग को भी आरक्षण देने BJP सरकार संशोधन विधेयक लेकर आए। पटेल ने कहा कि ऐसा प्रावधान संशोधन करके किया जा सकता है। ऐसा करते हैं, तो न्यायालय का जोर नहीं चलेगा।

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हलफनामा देने को तैयार कांग्रेस नेता

पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि मामले में कांग्रेस राजनीति नहीं चाहती। यदि सीएम शिवराज सिंह चौहान और पीएम नरेंद्र मोदी कांग्रेस नेताओं के हलफनामे सुप्रीम कोर्ट में दिलाना चाहते हो, तो सभी नेता हलफनामा देने को तैयार है। कैसे भी 27% आरक्षण ओबीसी को दिलाया जाए। वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि ओबीसी को आरक्षण मिले। जेपी धनोपिया ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट को भी धोखा दिया। आयोग का सही नाम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि जिस याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुनाया, उसका कांग्रेस से लेना-देना नहीं है।

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