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गद्दार कौन' विवाद में दिग्विजय के पिता की एंट्री:BJP का आरोप -अंग्रेज भक्त थे बलभद्र सिंह; जब देश भक्त शहीद हो रहे थे, तब वे परिवार के लिए सुविधाएं मांग रहे थे

मध्य प्रदेश5 महीने पहले

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और बीजेपी के सीनियर लीडर व केंद्रीय मंत्री ज्याेतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रहे 'गद्दार कौन' वाले विवाद पर अब दिग्विजय सिंह के पिता बलभद्र सिंह (स्वर्गीय) की एंट्री हो गई है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि बलभद्र सिंह अंग्रेज भक्त थे। जब देश भक्त शहीद हो रहे थे, तब वे परिवार के लिए अंग्रेजों से सुविधाएं मांग रहे थे।

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी व डॉ. दुर्गेश केसवानी ने भोपाल में कुछ दस्तावेजों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि बलभद्र सिंहजी ने अपने वंश और अंग्रेज भक्ति का वर्णन करते हुए 16 सितंबर 1939 को पत्र लिखा था - ‘मेरे पूर्वजों ने 1779 से ब्रिटिश सरकार को भरपूर सेवाएं प्रदान की हैं। मेरे पिताजी ने भी आपको निजी सेवा प्रदान की है। पिछले युद्ध के समय भी ब्रिटिश सरकार को राघोगढ़ ने सेवा दी है। अब मैं आपको अपनी वफादारी से भरी सेवा देना अपना धर्म समझता हूं।

2002 में भोपाल में लगी थी प्रदर्शनी
दोनों नेताओं ने कहा कि दिग्विजय सिंह के पिता बलभद्र सिंह का अंग्रेजों को लिखा कि ये कथित पत्र सन 2002 में भोपाल में राजकीय अभिलेखागार और पुरातत्व विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में रखा गया था। उस वक्त दिग्विजय सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।

प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि इतिहासकार राजा रघुवीर सिंह के अनुसार दिग्विजय सिंह के पूर्वजों को मुगलों की वफादारी के बदले में राघोगढ़ मिला, जबकि पानीपत की तीसरी लड़ाई में राघोगढ़ के तत्कालीन राजा ने मराठा साम्राज्य के सेनापति सदाशिवराव भाऊ को सहयोग देने से इंकार कर दिया था। मुगलों का साथ दिया था।

दिग्विजय सिंह ने सिंधिया को कहा था गद्दार
दिग्विजय सिंह ने शनिवार को गुना जिले के मधुसूदनगढ़ के रघुनाथ गांव और विदिशा जिले के मुंडेला गांव में कहा था कि मध्यप्रदेश में (वर्ष 2018 में हुए चुनाव में) कांग्रेस की सरकार तो बन गई थी। सिंधिया जी चले गए छोड़कर और एक-एक विधायक का 25-25 करोड़ रुपए ले गए। कांग्रेस के साथ गद्दारी कर गए। इसका मैं क्या करूं। किसने सोचा था। जनता ने तो कांग्रेस की सरकार बनवा दी थी। उन्होंने आगे कहा- इतिहास इस बात का साक्षी है। एक व्यक्ति गद्दारी करता है, तो उसकी पीढ़ी दर पीढ़ी गद्दारी पे गद्दारी करती है।

सिंधिया ने दिया था यह जवाब
दिग्विजय के बयान का सिंधिया ने कुछ इस तरह जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि मैं दिग्विजय सिंह के स्तर तक जाना नहीं चाहता। इतने बुजुर्ग और राजनीति में परिपक्व नेता इस स्तर की बात करता है। मैं उस स्तर पर जाकर बात‌ नहीं कर सकता। सिंधिया परिवार की एक मर्यादा है। मैं उस मर्यादा मैं बनाकर रखूंगा।

उन्होंने कहा कि जो ओसामा को ओसामा जी कहे, जो कहे कि सरकार कांग्रेस की आएगी तब 370 धारा हटाएगी, तो ऐसे दिग्विजय सिंह से क्या कहा जाए। उन्होंने जो कहा वह उनकी मानसिक स्थिति बयान करता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिग्विजय ने जो बोला- उससे पता चलता है कि कहीं तो कांटा चुभ रहा है, जो ऐसे भड़ास निकल रही है।

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