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ट्राइबल गर्ल की न्याय यात्रा पर राजनीतिक 'नौटंकी':राजभवन के सामने कांग्रेसियों ने लगाए 'राज्यपाल मुर्दाबाद' के नारे; भाजपा बोली- सख्त कार्रवाई हो

मध्यप्रदेश5 महीने पहले

नेमावर में आदिवासी नरसंहार के पीड़ित परिवार की बेटी भारती कास्डे की न्याय यात्रा को लेकर भोपाल में मंगलवार को दिनभर पॉलिटिकल ड्रामा चला। राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने पहुंची भारती को राजभवन में दाखिल नहीं होने दिया गया, तो कांग्रेसियों ने 'राज्यपाल मुर्दाबाद' के नारे लगाने ने शुरू कर दिए।

राज्यपाल के खिलाफ लगे इन नारों को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पलटवार किया है। शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राजभवन के सामने खड़े होकर राज्यपाल मुर्दाबाद के नारे लगवाए हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग राज्य सरकार से की है। राज्यपाल विरोधी नारेबाजी को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मर्यादाहीन के साथ निंदनीय बताया।

गृहमंत्री ने कहा कि आदिवासी भाई-बहनों के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले कांग्रेस नेता बौखलाहट में शिष्टाचार भूल गए हैं। हालांकि, दिग्विजय सिंह की काफी बहस के बाद बाद में भारती को राजभवन में प्रवेश दिया गया।

बता दें कि 1 जनवरी को नेमावर से शुरू हुई भारती की न्याय यात्रा सोमवार को भोपाल पहुंची। यह यात्रा मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के नजदीक से राजभवन जानी थी। यात्रा से पहले कांग्रेस के दोनों पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित अन्य कांग्रेसी नेता भारती से मिले। इसी दौरान कई कांग्रेसी कार्यकर्ता यात्रा में शामिल हो गए। लेकिन पुलिस ने इस यात्रा को आगे नहीं बढ़ने दिया।

पुलिस भारती को राजभवन लेकर पहुंची। इसके पीछे कांग्रेसी नेता भी राजभवन जा पहुंच गए। दिग्विजय सिंह, विधायक सज्जन वर्मा, कांतिलाल भूरिया भी राजभवन के सामने जा पहुंचे। भारती को राजभवन में प्रवेश नहीं दिया गया। इसको लेकर कांग्रेसियों राज्यपाल के खिलाफ नारेबाजी की गई।

कोरोना से डरने वाला राज्यपाल अपने वर्ग को न्याय नहीं दिला सकता

भारती व उसके परिजनों को राजभवन में प्रवेश नहीं दिए जाने पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रशासन का सहयोग किया। नेताओं को अंदर नहीं जाने दे रहे, तो कम से कम पीड़ितों को जाने दिया जाए। वहां मौजूद पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि एक आदिवासी व्यक्ति को राज्यपाल बनाया गया है। इसका गर्व था, लेकिन कोरोना से डरने वाला राज्यपाल जो अपने वर्ग को न्याय नहीं दिला सकता, इससे ज्यादा गंभीर और क्या हो सकता है।

शिवराज को बताया आदिवासी विरोधी
न्याय यात्रा में शामिल पीड़ित सहित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने आगे नहीं बढ़ने दिया। इसको लेकर मप्र कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा कि शिवराज का आदिवासी विरोधी चेहरा बेनकाब हुआ है। न्याय यात्रा को बैरिकेडिंग कर रोक गया।

दिग्विजय प्रदेश का वातावरण बिगाड़ रहे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि नेमावर की घटना गंभीर है। सरकार ने कार्रवाई की है। आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। साथ ही, सीबीआई जांच कराने के लिए सीएम कह चुके हैं। इसके बाद भी संवैधानिक पद पर बैठे राज्यपाल मंगुभाई पटेल को लेकर जिन शब्दों का उपयोग कांग्रेसी नेता ने किया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। दिग्विजय प्रदेश का वातावरण बिगाड़ने के लिए सज्जन सिंह जैसे लोगों को लेकर राजभवन जाते हैं।

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