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  • Court Refuses To Give Delivery Of Minor Girls, Statements Of Witnesses Will Be Recorded Daily From 2 To 6 February

प्यारे मियां यौन शोषण मामला:नाबालिग बच्चियों की सुपुर्दगी देने से अदालत का इंकार, 2 से 6 फरवरी तक रोज दर्ज होंगे गवाहों के बयान

भोपालएक वर्ष पहले
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प्यारे मियां यौन शोषण मामले में नाबालिग बच्चियों की सुपुर्दगी के लिए उनके परिजनों ने अदालत में अर्जी लगाई थी। जिसे शुक्रवार को नामंजूर कर दिया गया। (आरोपी प्यारे मियां का पुलिस हिरासत में फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
प्यारे मियां यौन शोषण मामले में नाबालिग बच्चियों की सुपुर्दगी के लिए उनके परिजनों ने अदालत में अर्जी लगाई थी। जिसे शुक्रवार को नामंजूर कर दिया गया। (आरोपी प्यारे मियां का पुलिस हिरासत में फाइल फोटो)
  • परिजनों ने बच्चियों को अपने साथ रखने लगाई थी अर्जियां, जिन्हें अदालत ने नामंजूर कर दिया।

कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण मामले में जबलपुर जेल में बंद प्यारे मियां से पीड़ित पांच बच्चियों को अदालत ने सुपुर्दगी में देने से इंकार कर दिया है। विशेष न्यायाधीश उपेंद्र कुमार सिंह ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए नाबालिग बच्चियों के परिजनों की ओर से लगाई गई सभी सुपुर्दगी अर्जियों को नामंजूर कर दिया है। इस मामले में अब पांच दिन 2 फरवरी से 6 फरवरी तक प्रतिदिन गवाहों के बयान अदालत में दर्ज होंगे।
नाबालिग बच्चियों की सुपुर्दगी पर विशेष लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत ने लिखित आपत्ति करते हुए कहा कि यौन शोषण मामला सामने आने के बाद बच्चियों के परिजनों ने सुरक्षा की मांग की थी। मामले का आरोपी प्यारे मियां प्रभावशाली व्यक्ति है, यदि बच्चियों को उनके परिजनों को सुपुर्द किया जाता है तो उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकते है। राजपूत ने कहा कि बच्चियों के माता पिता एवं उनको प्रलोभन, दवाब एवं धमकी भी दी जा सकती है। बच्चियों की समुचित देखभाल बाल संप्रेक्षण गृह में उचित सुरक्षा के साथ हो रहीं है। मामला गंभीर प्रकृति का है इसलिए फरियादी बच्चियों की गवाही होने तक उन्हें परिजनों को सुपुर्दगी में ना दिया जाए।
डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आई है
विशेष लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत ने अदालत को बताया कि आरोपी प्यारे मियां का डीएनए परीक्षण जांच अधिकारी द्वारा करवाया गया था। जिसमें डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। न्यायाधीश ने प्यारे मियां का मेडिकल कराए जाने के लिए जबलपुर जेल अधीक्षक और सीएमओ को आदेशित किया है।

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