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MP बीजेपी ने क्यों हटाए संगठन मंत्री?:सत्ता-संगठन के नए केंद्र थे संभागीय कार्यालय; अब प्रदेश को 3 भागों में बांट मालवा, मध्य और महाकौशल प्रांत बनाए; संघ से आएंगे 2 और सह संगठन मंत्री

मध्य प्रदेशएक महीने पहले
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बीजेपी में परिवर्तन का दौर जारी है। एमपी में बीजेपी ने संगठन के अंदर बड़ा बदलाव किया है। बीजेपी ने प्रदेश में अपने छह संभागीय संगठन मंत्रियों को हटा दिया है। उन सभी को प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य बना दिया है। यानी अब ये संघ से बीजेपी में आ गए हैं। इस फैसले के साथ ही प्रदेश में संगठन मंत्री के पद रिक्त हो गए हैं।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि अब बीजेपी ने संभागीय संगठन मंत्री की व्यवस्था को ही खत्म कर दी है। बदली व्यवस्था के तहत RSS (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) के पैटर्न पर प्रदेश को तीन भागों में बांटने की तैयारी है। इसके तहत मालवा, मध्य और महाकौशल प्रांत के स्तर पर नई नियुक्ति की जाएंगी। इसमें संघ के प्रचारकों को बड़ी भूमिका दी जा सकती है।

बताया जा रहा है कि प्रदेश में 3 सह संगठन मंत्री होंगे। नई व्यवस्था को लागू करने के लिए 2 और सह संगठन मंत्रियों को संघ भेजेगा। फिलहाल 1 सह संगठन मंत्री हितानंद शर्मा नियुक्त हैं, जो प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत के बतौर सहयोगी काम कर रहे हैं। जल्द ही 3 सह संगठन मंत्रियों को एक-एक प्रांत की जिम्मेदारी दिए जाने की उम्मीद है। संभागों से संगठन मंत्रियों को हटाए जाने के बाद से प्रदेश में संगठन महामंत्री सुहास भगत और सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा पूरी व्यवस्था देखेंगे।

ऐसा पहली बार हुआ है, जब बीजेपी के संभागों में तैनात संगठन मंत्रियों को भी हटाया गया है। शैलेंद्र बरुआ के पास जबलपुर और नर्मदापुरम की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा जयपाल सिंह चावड़ा इंदौर और जितेंद्र लिटोरिया उज्जैन संभाग की कमान संभाल रहे थे। आशुतोष तिवारी के पास ग्वालियर और भोपाल संभाग, श्माम महाजन के पास रीवा-शहडोल और केशव सिंह भदौरिया के पास सागर और चंबल की जिम्मेदारी थी। ये सभी लोग अब प्रदेश कार्यसमिति में शामिल हो गए हैं।

सत्ता-संगठन के नए केंद्र बन गए थे संभाग कार्यालय
पार्टी सूत्रों ने संगठन मंत्रियों को हटाए जाने की वजह यह बताई है कि संभागीय कार्यालय सत्ता और संगठन के नए केंद्र के रूप में काम कर रहे थे। विधायकों से लेकर जिलों में काम करने वाले पदाधिकारी भी संगठन मंत्रियों के प्रभाव में आकर फैसले लेने की प्रचलन बढ़ता जा रहा था। इतना ही नहीं, प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी इनके हस्तक्षेप से प्रभावित हो रही थी। यही वजह है कि अब नई व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।

2 को निगम-मंडल की कमान सौंपे जाने की तैयारी
सरकार के सूत्रों ने बताया कि निगम-मंडलों के खाली राजनीतिक पदों को भरने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा में सहमति बन चुकी है। हटाए गए 6 संभागीय संगठन मंत्रियों में से 3 जितेंद्र लिटोरिया, शैलेंद्र बरुआ और आशुतोष तिवारी को निगम-मंडल में पद दिया जा सकता है। यह भी संभव है कि इन तीन में से 2 को सरकार में शामिल किया जाए। फिलहाल इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है। यह भी चर्चा है कि इन पदाधिकारियों को आगामी स्थानीय निकाय चुनाव की व्यवस्था में लगाए जा सकते हैं।

भोपाल में ही कैंप करेंगे शिवप्रकाश
बीजेपी के अंदर एक और बदलाव हुआ है। अब राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश भी भोपाल में ही कैंप करेंगे। यानी कुछ महीने तक वह स्थाई रूप से भोपाल में रहेंगे। यहीं से वह संगठन और सरकार की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

दूसरे राज्यों में भी ऐसा ही सिस्टम लागू होगा
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि संगठन का ढांचा अन्य प्रदेशों में मध्य प्रदेश जैसा तैयार किए जाने की तैयारी है। मध्य प्रदेश में यह निर्णय संघ की सहमति से लिया गया है, जिसके कयास पिछले दो माह से लगाए जा रहे थे, लेकिन राजगढ़ में हुई प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में इसे अंतिम रूप दिया गया।

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