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MP को 18 अगस्त तक गर्मी से राहत नहीं:बंगाल में सिस्टम बना तो 19 अगस्त से इंदौर-ग्वालियर में होगी बारिश, भोपाल को करना पड़ेगा इंतजार

भोपाल2 महीने पहले
भोपाल में बारिश के बाद सड़कों की हालत खराब हो गई है।

मध्यप्रदेश में बारिश के बाद अब गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। आसमान साफ होते ही सूरज की तपिश ने पसीने छुड़ाना शुरू कर दिया है। बीते 24 घंटों के दौरान इंदौर में बौछारें पड़ीं, लेकिन भोपाल में दिन का पारा उछलने से लोगों को गर्मी और उमस ने परेशान किया।

अगले 24 घंटों के दौरान भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, सागर और जबलपुर समेत 10 संभागों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि अभी 18 अगस्त तक मध्यप्रदेश में इसी तरह मौसम रहेगा। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती हैं, लेकिन 19 अगस्त के बाद ही गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

19 को बंगाल की खाड़ी में सिस्टम सक्रिय होगा
वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि 17 अगस्त से एक सिस्टम बंगाल की खाड़ी में आएगा। इसके एक्टिव होते ही 19 अगस्त से इंदौर, होशंगाबाद और जबलपुर में दो दिन तेज बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 21 अगस्त से ग्वालियर-चंबल से एक सिस्टम आएगा। बुंदेलखंड में जमकर बारिश होगी। भोपाल में 18 से 22 अगस्त के बीच हल्की बारिश रहेगी। उज्जैन में भी हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन इंदौर में 2 दिन अच्छा पानी गिरेगा।

यहां बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, रीवा, सागर, शहडोल, जबलपुर, भोपाल, होशंगाबाद, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभागों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इसके अलावा बाकी जगहों में आसमान साफ रहने की संभावना है। अगले 48 घंटे तक मौसम में किसी तरह का परिवर्तन नहीं होगा।

मानसून का दूसरा ब्रेक है
यह मानसून का दूसरा ब्रेक है। इससे पहले एक जुलाई के आसपास मानसूनी गतिविधियां थम गई थीं। बारिश का यह ब्रेक करीब 22 दिन चला था। अब फिर से मानसून ने ब्रेक लिया है। बताया जाता है कि वर्तमान में मानसून ट्रफ अमृतसर, पटियाला, नजीबाबाद, फुरसतगंज, देहरी और मालदा से होते हुए अरुणाचल प्रदेश तक फैला है। पूर्वी उत्तर प्रदेश/ बिहार, उत्तरी गुजरात और उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर चक्रवातीय एक्टिविटी हैं। इस कारण से मध्यप्रदेश में मानसून थम गया है।

12 से 13 जिले रेड जोन में

मध्यप्रदेश में बीते 3 दिन से मानसूनी गतिविधियां कम होने का असर अब दिखने लगा है। जून में रिकॉर्ड बारिश होने के बाद भी प्रदेश में बारिश का कोटा सामान्य ही है। अब तक 23 इंच बारिश होनी चाहिए थी, जबकि करीब 26 इंच पानी गिर चुका है। यह सामान्य से करीब 6% ज्यादा है। प्रदेश में अब 13 जिले रेड जोन में आ गए हैं। सामान्य से कम बारिश जिलों में इंदौर (22%), धार (37%), बड़वानी (44%), खरगोन (44%), खंडवा (20%), बुरहानपुर (31%), पन्ना (29%), दमोह (37%), कटनी (23%), जबलपुर (33%), सिवनी (27%) और बालाघाट (32%) में हुई।

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