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MP में कोरोना कंडीशंस में शादी के आइडियाज:सरकार! न नियम टूटेंगे न गेस्ट छूटेंगे, उज्जैन में एक शादी के 4 रिसेप्शन; पढ़िए और भी रोचक किस्से

मध्यप्रदेश11 दिन पहले

मध्यप्रदेश में शादी पर मेहमानों की बंदिशों ने घराती-बाराती दोनों की मुश्किल बढ़ा दी है। खासकर, उनकी जिनके यहां शादी जनवरी में ही होने वाली है। किसी का गार्डन बुक था, तो कोई पहले ही हजारों लोगों को निमंत्रण दे चुका था। कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद लगी बंदिशों के तहत 250 मेहमानों को चुनना सबसे बड़ा काम है, तो अतिथि को शादी में आने से मना करना उससे भी बड़ी चुनौती..। भोपाल में एक गार्डन वाले ने परिवार के सामने शर्त रख दी है कि डेट भले ही बढ़ा लो, बयाना तो वापस नहीं होगा। जबलपुर में एक परिवार ने तय किया है कि बचत की राशि दूल्हा-दुल्हन के नाम कर देंगे। शादी में लिमिटेशन के बाद शादी वाले सात परिवारों से जुड़े किस्से...

मेहमान तो 1200 ही बुलाएंगे, पर चार बार में

उज्जैन के ऋषिनगर निवासी लालसिंह राठौर ने कहा कि मेरी बेटी की शादी 21 जनवरी को है। बड़े उत्साह से 1200 मेहमानों का रिसेप्शन रखा था। अब ढाई सौ की लिमिट कर दी है, इसलिए मुझे रिसेप्शन भी चार बार करना पड़ेंगे। राठौर ने बेटी की शादी के लिए गोपी गार्डन बुक किया है। उसे भी दो से बढ़ाकर चार दिन के लिए बुक करना पड़ा।

फोन करके मेहमान बुलाएंगे, बचे रुपए गिफ्ट में देंगे

जबलपुर के मनीष पटेल के भांजे आकाश पटेल की शादी 22 जनवरी को है। आकाश की मां नहीं है। वे ननिहाल में ही रहते हैं। मनीष ने भांजे के लिए कटंगी बायपास पर एमपी ऑनलाइन सेंटर खुलवा दिया है। वे भांजे को बेटे की तरह मानते हैं। शादी भी यहीं से कर रहे हैं। मनीष ने बताया भांजे की शादी में कोई कसर नहीं छोड़ने की तैयारी की थी। तीन महीने पहले जब शादी तय की तो कोविड के मामले बेहद कम थे। शादी के लिए छपवाए गए 700 कार्ड को नहीं बांटने का निर्णय किया है। अब फोन से गिने चुने लोगों को ही शादी का निमंत्रण भेज रहे हैं। शादी में हम 50 लोग ही जाएंगे। इस शादी में जो भी बचत होगी, उसे लड़का-लड़की के नाम फिक्स कर देंगे। गांव से ही शादी करेंगे।

परिवार बड़ा है, बिन मेहमान होंगे फेरे

उज्जैन में बेटे की शादी कर रहे संतोष शर्मा ने बताया कि शहर की बड़ी होटल में बेटे की शादी प्लान की है। लड़की वालों को भी यहीं बुलाया है। हमारे और उनके परिवार के मिलकर ही 250 लोग हो जाएंगे। ऐसे में मेहमानों को क्या बुलाएंगे। होटल वाले भी पैसा नहीं देंगे, जबकि उन्हें हम रिसेप्शन, हॉल, गार्डन, पार्टी, महिला संगीत, सगाई सभी के अरेंजमेंट के पैसे दे चुके हैं।

आमंत्रण कार्ड नहीं, फोन पर ही बुलाएंगे

इंदौर के ही रणवीर सिसौदिया की 22 फरवरी को शादी है। पिता सज्जन सिंह सिसौदिया का कहना है कि बेटा लग्जरी कार का इंजीनियर है। घर में छोटा है। एक ही लड़का है। बड़ी बेटी की शादी कर चुका हूं। यह छोटा है, तो इसकी शादी धूमधाम से करने की इच्छा थी, लेकिन तीसरी लहर से तैयारियां अधर में थी। अब जब गाइडलाइंस आ गई है, तो तैयारियों में जुट गए हैं। कार्ड की जगह सीमित मेहमानों को फोन पर ही इनवाइट कर रहे हैं।

4 हजार कार्ड छपवा लिए, किसे बुलाएं, यही माथापच्ची

इंदौर में ओमप्रकाश भदौरिया के घर बेटी दीक्षा भदौरिया की शादी है। बेटी सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। ओमप्रकाश के मुताबिक शुरुआत में गाइडलाइंस नहीं आने से पसोपेश में थे। सोचते थे क्या करें, कैसे करें। तैयारियां तो पूरी हो चुकी हैं। 4 हजार कार्ड छप चुके हैं। अब वे इसी सोच में हैं कि किसे बुलाएंगे और किसे नहीं।

1200 मेहमानों को बुलाने की प्लानिंग भी

भोपाल के बरखेड़ा पठानी में रहने वाले गोलू उमरे की बहन की 18 फरवरी को शादी है। गोलू ने बताया, हॉल-ग्राउंड, टेंट, डीजे और हलवाई की बुकिंग पहले से कर ली थी। शादी में 1200 मेहमानों को बुलाने की तैयारी थी। रामलीला ग्राउंड बुक कर लिया था। 5 हजार रुपए हॉल और ग्राउंड के 6 हजार 270 रुपए दे दिए थे। ग्राउंड वालों ने पहले ही कह दिया था कि यदि कोरोना की वजह से शादी आगे बढ़ी, तो कोई दिक्कत नहीं। बाद वाली तारीख में समारोह कर लेंगे, लेकिन बुकिंग राशि वापस नहीं होगी।

500 को कार्ड दे चुके हैं, अब कैसे मना करें

ग्वालियर के सेवानगर निवासी आकाश कुशवाह की 23 जनवरी को शादी है। आकाश के भाई विनोद ने कहा, डेढ़ लाख रुपए कैरटर्स, बैंड, मैरिज गार्डन वाले को रिसेप्शन के लिए दे चुके हैं। पैसे तो ठीक है लेकिन 500 लोगों को कार्ड बांट चुके हैं। अब समझ में नहीं आ रहा है कि उन्हें कैसे मना करूं, किसे करूं।

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