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पंचायत चुनाव में OBC को सिर्फ 9.5 से 12.5% आरक्षण!:कमलनाथ बोले- छाती ठोंककर 35% का झूठा दावा कर रहे शिवराज; जारी किए आंकड़े

भोपालएक महीने पहले

पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण के आंकड़े मीडिया के सामने रखते हुए शिवराज सरकार पर बड़ा हमला बोला है। कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर OBC वर्ग को धोखा देने का आरोप लगाया। कमलनाथ ने कहा- पंचायत चुनाव में OBC को 9.5 से 12.5% ही आरक्षण दिया जा रहा है, जबकि सरकार 35% का झूठा दावा कर रही है। यह OBC को ठगने की बड़ी साजिश है। पूरा खेल आंकड़ों का है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा CM शिवराज छाती ठोंककर धोखा दे रहे हैं। इतना बड़ा झूठ बोलने में उन्हें शर्म भी नहीं आ रही। 1993 में एक कानून पास हुआ था। इसमें 25% सीट जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए आरक्षित करने का प्रावधान था, लेकिन इतना आरक्षण भी पिछड़ा वर्ग को नहीं मिल रहा है। नए आरक्षण से OBC सीटें आधी हो गई हैं। राज्य सरकार ने OBC आरक्षण रद्द कराने के लिए ये साजिश की है। अपने आरोपों को साबित करने के लिए कमलनाथ ने ये आंकड़े भी दिए...

जिला पंचायत सदस्य: 11.2% आरक्षण
पूरे प्रदेश में जिला पंचायत के कुल 875 सदस्य हैं। OBC को 98 पद मिले। यानी जिला पंचायत सदस्य के लिए प्रदेश में 11.2% आरक्षण मिला है। 19 जिलों में जिला पंचायत सदस्य के लिए एक भी पद OBC को नहीं मिला।

जनपद पंचायत अध्यक्ष: 9.5% आरक्षण
जनपद पंचायत अध्यक्ष के 313 पद हैं। OBC को 30 पद मिले। यानी 9.5% आरक्षण। 28 जिलों में जनपद पंचायत अध्यक्ष के लिए एक पद भी OBC के लिए आरक्षित नहीं हुआ है।

जनपद पंचायत सदस्य: 11.5% आरक्षण
जनपद पंचायत सदस्य के 6,771 पद हैं। 780 पद OBC को मिले हैं। यानी 11.5% आरक्षण मिला। 10 जिलों में जनपद पंचायत सदस्य का एक भी पद OBC को नहीं मिला है।

सरपंच: 12.5% आरक्षण
सरपंचों के लिए 22,424 पद है। 2821 पद OBC को मिले हैं। यानी सरपंच के पदों पर OBC को सिर्फ 12.5% आरक्षण ही मिला।

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शिवराज झूठ न बोलें, तो खाना हजम नहीं होता: कमलनाथ

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बंजारा समाज प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कमलनाथ ने कहा- शिवराज सिंह जी अगर झूठ न बोलें, अगर घोषणा न करें और नाटक न करें, तो उनका खाना हजम नहीं होता। कुछ नहीं मिला तो ठेला चलाने लगे, खिलौने इकट्‌ठा करने लगे। क्या मजाक बना दिया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि बंजारा समाज को अनुसूचित जनजाति में माना जाए। हमने इसके लिए विधानसभा से प्रस्ताव पास कराकर केंद्र को भेजा था।

कमलनाथ के आरोपों पर मंत्री भूपेन्द्र सिंह का पलटवार
कमलनाथ के आरोपों पर मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि OBC आरक्षण के साथ ही मध्यप्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव हो रहे थे। इस पर कांग्रेस 5 बार हाईकोर्ट गई। फिर सुप्रीम कोर्ट भी गई। OBC आरक्षण का विरोध कांग्रेस ने किया। यह हमारी सरकार और मुख्यमंत्री जी का प्रयास है कि पूरी तैयारी करके अपना पक्ष रखा। देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने OBC आरक्षण के साथ चुनाव कराने की अनुमति दी है। महाराष्ट्र में जहां कांग्रेस की सरकार हैं वहां ओबीसी आरक्षण के बिना पंचायत चुनाव हुए हैं। अगर हम ओबीसी आरक्षण की बात करें तो कई जगह ओबीसी आरक्षण में सीटें बढ़ी हैं। कुछ जगह थोड़ी-बहुत कम हुई होंगी। इन्होंने तो आरक्षण ही खत्म करा दिया था। आज जो आरक्षण मिल रहा है वो मुख्यमंत्री और सरकार के प्रयास के कारण मिल रहा है।
नगर परिषद अध्यक्ष में आरक्षण की बात करें तो यहां पहले भी ओबीसी की 73 सीट थी। अभी 73 सीट हैं। नगर पालिका अध्यक्ष में ओबीसी की 25 की सीट थीं, अब 28 हैं। नगर निगम में ओबीसी के लिए चार सीट रिजर्व हैं। ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव हो रहे हैं। यह सरकार की सफलता है। हमने ओबीसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया।

भाजपा के दावे पर कमलनाथ ने रखे आंकड़े
राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा कर दी। नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा भी 1 जून तक की जाएगी। तीन साल से चुनाव अटके हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने पहले बिना OBC आरक्षण के चुनाव कराने का फैसला सुनाया था। सरकार ने एप्लिकेशन फॉर मॉडिफिकेशन दाखिल की, तो दस दिन पहले सुनवाई करते हुए OBC आरक्षण के साथ चुनाव कराने को कहा। यह भी आदेश दिए कि ST, SC और OBC को मिलाकर कुल आरक्षण 50% से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

फैसला आने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था- अंतत: सत्य की जीत हुई। हमने OBC को आरक्षण दिलाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। भाजपा नेताओं ने 35% तक आरक्षण OBC को मिलने की बात कही, जिसके जवाब में कमलनाथ ने आज आंकड़े पेश कर दिए।

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पब्लिक का सामना करने से डरती है भाजपा
इसके अलावा नगरीय निकाय में महापौर के सीधे और नपा और नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने को लेकर भी कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा BJP पब्लिक का सामना करने से डरती है। मैं तो कहता हूं कि हर चुनाव पब्लिक से हो। मध्यप्रदेश की जनता तय करे। अब तो यह प्रणाली बनाई है कि जिसमें इन्हें (BJP) खरीदने, सौदा करने और दबाने का मौका मिल जाए। जो भी पंच, पार्षद चुने जाएंगे, उनको कैसे खरीद लें, कैसे दबा लें, इसके लिए यह चुनाव प्रणाली बनाई गई है।

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