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उपचुनाव में हार के बाद मंथन:कमलनाथ लेंगे फीडबैक, उम्मीदवारों के साथ चुनाव प्रभारियों को भोपाल बुलाया; जिम्मेदारों पर गिर सकती है गाज

मध्य प्रदेश3 महीने पहले

मध्यप्रदेश में हाल ही में हुए उपचुनाव में हार के बाद कांग्रेस में मंथन का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 9 नवंबर को बैठक बुलाई है। इसमें उम्मीदवारों, चुनाव प्रभारियों, सह प्रभारियों और समन्वयकों को भी बुलाया गया है। बैठक में हार के कारणों को तलाशा जाएगा। माना जा रहा है कि बैठक में चुनाव प्रभारियों पर गाज गिर सकती है। कांग्रेस को खंडवा लोकसभा के अलावा पृथ्वीपुर और जोबट विधानसभा सीट पर हार मिली है। हालांकि, कांग्रेस ने 31 साल से BJP के कब्जे में रही रैगांव विधानसभा सीट जीत ली है।

सूत्रों का कहना है कि बैठक में मिलने वाले फीडबैक के आधार पर कुछ नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। दरअसल, इस उपचुनाव में कांग्रेस को अपनी दो पारंपरिक सीटें पृथ्वीपुर व जोबट गंवानी पड़ी है। इसके साथ ही खंडवा लोकसभा क्षेत्र में पूरी जोर आजमाइश के बावजूद पार्टी को सफलता नहीं मिली।

मध्यप्रदेश उपचुनाव को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सेमी फाइनल के तौर पर देखा जा रहा था। कांग्रेस नेताओं को सकारात्मक नतीजों की उम्मीद थी। कांग्रेस के पास महंगाई, बेरोजगारी, आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार व अन्य मुद्दे भी थे, लेकिन कांग्रेस न मुद्दों को भुना पाई और न ही BJP सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी का कांग्रेस को ज्यादा फायदा मिला। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं की अंतर्कलह कांग्रेस के लिए मुसीबत बन गई।

खंडवा में अंतर्कलह भी सामने आई
खंडवा लोकसभा क्षेत्र में अंतर्कलह भी सामने आई है। कांग्रेस ने मतदान के बाद पूर्व मंत्री अरुण यादव के करीबी कार्यकर्ता असद को निष्कासित कर दिया था। बता दें कि अरुण यादव खंडवा से प्रबल दावेदार थे, लेकिन कमलनाथ का विपरीत रुख देखते हुए उन्होंने चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया। ऐसे में इस बात की भी चर्चा है कि अरुण यादव के समर्थकों ने कांग्रेस उम्मीदवार राजनारायण सिंह पुरनी का समर्थन नहीं किया। हालांकि, खुद अरुण यादव चुनाव प्रचार में खूब सक्रिय दिखे।

राजनारायण ने साधा था निशाना
खंडवा में हार के बाद कांग्रेस प्रत्याशी राजनारायण सिंह तो खुलेआम अरुण यादव का नाम लेकर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि 2024 लोकसभा चुनाव भी वही कांग्रेस के टिकट पर लड़ेंगे। बहरहाल, अब समीक्षा बैठक पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। कमलनाथ ने यह बैठक ऐसे समय में बुलाई है, जब शनिवार को ही वह सोनिया गांधी से मिलकर उपचुनावों में हुई हार को लेकर चर्चा कर चुके हैं।

जिम्मेदार नेताओं से जवाब मांगेंगे
पार्टी सूत्रों ने बताया कि उपचुनाव में जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी, कमलनाथ उनसे जवाब तलब करेंगे। इन नेताओं से कहा गया है कि वे हार के कारणों की जानकारी लिखित में लेकर आएं।

सदस्यता अभियान पर भी होगी चर्चा
इस बारे में कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने बताया कि जिला प्रभारियों की बैठक में कांग्रेस के सदस्यता अभियान, मंडल सेक्टर स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाने और उपचुनाव में हार पर चर्चा होगी। इसे लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि ये आगे के चुनावों के लिए जरूरी है। लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष जरूरी है। पार्टी को हार पर मंथन के साथ पार्टी के उपेक्षित और अपेक्षित लोगों पर भी मंथन करना चाहिए।

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