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MP में तीसरी लहर की तैयारी!:स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के सिविल सर्जन और सीएमएचओ को निर्देश- अस्पतालों में जरूरतों का आंकलन करें; लापरवाही नहीं चलेगी

भोपाल8 महीने पहले
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मंत्रालय में स्वास्थ्य मंत्री अधिकारियों के साथ वीसी बैठक में - Dainik Bhaskar
मंत्रालय में स्वास्थ्य मंत्री अधिकारियों के साथ वीसी बैठक में

मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्यों में ओमिक्रॉन के मामले मिलने के साथ खतरा बढ़ गया है। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने भी अब तैयारी तेज कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर प्रभुराम चौधरी ने सिविल सर्जन, सीएमएचओ और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थाओं में तैयारी रखने के वीसी के माध्यम से निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही और उदासीनता नहीं चलेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन अस्पताल में नए आईसीयू, पीआईसीयू, पीएसए ऑक्सीजन प्लांट और सिटी स्कैन मशीन समेत अन्य चिकित्सा उपकरण लगाए जा रहे है। उनको काम 2 से 3 दिन में पूरा कर लें। उन्होंने कहा कि वह अगले सोमवार को फिर समीक्षा करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की उदासीनता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थाओं में तैयारी रखने के निर्देश दिए।

डॉ. चौधरी ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर में जिन कठिनाइयों का सामना किया, वैसी स्थिति अब निर्मित नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य संस्थाओं को जरूरी चिकित्सा सुविधाओं और उपकरणों से लैस किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए 205 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किए गए। इनमें से 180 प्लांट कार्यशील हो चुके हैं, शेष को भी कार्यशील किया जाए। उन्होंने कहा कि प्लांट कार्यशील हो जाना भर पर्याप्त नहीं है। प्लांट से उत्पादित ऑक्सीजन अस्पताल के वार्डों तक पहुंच और आवश्यकता पर मरीजों को मिले। इस बात को भी सुनिश्चित करें। ऑक्सीजन प्लांट के संचालन के लिए तकनीकी दक्षता वाले टेक्नीशियन की सेवाएं ली जाए।

डॉ. चौधरी ने कहा कि गहन चिकित्सा इकाई और पीआईसीयू (पीडियॉट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) की स्थापना की स्वीकृति शासन द्वारा दी गई थी। आईसीयू और पीआईसीयू का कार्य सितम्बर अंत तक पूरा किया जाना था। कुछ स्वास्थ्य संस्थाओं ने समय पर पूरा किया और कुछ का अभी छोटा-मोटा कार्य शेष है। उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्य शेष रह गया है, वह अगले एक हफ्ते में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। डॉ. चौधरी ने कहा कि आईसीयू का निर्माण होने और ऑक्सीजन सप्लाई सुनिश्चित होने के साथ सभी अस्पताल फायर सेफ्टी ऑडिट अवश्य कराएं। सिविल सर्जन और सीएमएचओ स्वयं अस्पतालों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी की व्यवस्थाओं से संतुष्ट हों।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सप्लाई के बाद अस्पतालों में रखे हुए हैं। सिविल सर्जन इस बात को सुनिश्चित करें कि सप्लाई किए गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर कार्यशील रहें और आवश्यकता पड़ने पर ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हो। इसके लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर संचालन का मॉकड्रिल भी किया जाएं। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडर की जिन स्वास्थ्य संस्थाओं को आवश्यकता है, वह अपनी मांग शासन को भेंजे, उसकी आपूर्ति की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि आईसीयू, पीआईसीयू और सिटी स्केन सहित अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ आवश्यक औषधियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रकरणों में होम आइसोलेशन में दवाओं की जो किट दी जाती है, उस किट में शामिल सभी दवाएं उपलब्ध रहें।

अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि मात्र शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए नियुक्त किए गए सीएचओ की पदस्थापना को किसी भी प्रकार से बदला नहीं जाए। सीएचओ जिस स्थान के लिये नियुक्त किए गए हैं, उनको उसी स्थान पर कार्य करने दिया जाए।

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