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ब्लैक फंगस से जंग की तैयारी:भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर व रीवा मेडिकल कॉलेज में बनेंगे विशेष वार्ड, हमीदिया अस्पताल में 23 मरीज भर्ती

मध्य प्रदेश3 महीने पहले

मध्य प्रदेश में अब काेरोना के साथ अब ब्लैक फंगस से जंग की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश में 100 से ज्यादा मरीज मिलने के बाद अब भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर व रीवा मेडिकल कॉलेज में इसके इलाज के लिए विशेष वार्ड बनेंगे। बीमारी के इलाज और बचाव को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को विशेषज्ञों के साथ वर्चुअली बैठक की। इसमें RIS (रिसर्च एंड इन्फोर्मेशन सिस्टम इन डवलपिंग कंट्रीज) के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी भी शामिल हुए।

बता दें, केवल भोपाल में ही ब्लैक फंगस के 75 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। इसमें से हमीदिया अस्पताल में 23 मरीज भर्ती हैं, जबकि प्रदेश के विभिन्न जिलों में यह आंकड़ा 100 से भी ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने बैठक में अफसरों को निर्देश दिए, ब्लैक फंगस के उपचार के लिए पांच मेडिकल कॉलेज भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और रीवा में विशेष वार्ड तैयार कराए जाएं।

बैठक में RIS (रिसर्च एंड इन्फोर्मेशन सिस्टम इन डवलपिंग कंट्रीज) के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, नीति आयोग के सीनियर कंसल्टेंट डाॅ. मदन गोपाल के अलावा मप्र सरकार के तकनीकी सलाहकार समूह के डाॅ. वंदना भाटिया (यूनिसेफ), अभिषेक जैन (WHO), हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक लोकेंद्र दवे ,ज्योत्सना श्रीवास्तव, अभिजीत खरे, राहुल खरे, महेश महेश्वरी, गिरीश भट्ट, देवाशीष विश्वास, प्रद्युम्न पांडे व कृष्ण गोपाल सिंह शामिल हुए।

एंटी ब्लैक फंगस इंजेक्शन सरकार उपलब्ध कराएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लैक फंगस बीमारी का इलाज सरकार नि:शुल्क कराएगी। उन्होंने जिलों के के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से कहा है, वे इस बीमारी की दवा और इंजेक्शन की कालाबाजारी ना हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एंटी ब्लैक फंगस इंजेक्शन उपलब्ध कराएगी। इसके लिए कई फार्मा कंपनियों से बात चल रही है।

दिग्विजय का आरोप- एंटी ब्लैक फंगस इंजेक्शन बाजार से गायब
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख कर एंटी ब्लैक फंगस इंजेक्शन की कालाबाजारी होने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में कोविड के बाद ब्लैक फंगस (म्यूकर मायकोसिस) बीमारी तेजी से फैल रही है। अकेले भोपाल शहर में ही 70 से ज्यादा ब्लैक फंगस के मरीज मिल चुके हैं।

कई शहरों से ब्लैक फंगस के मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की खबरें आ रही हैं। इस बीमारी के उपचार के लिये आवश्यक एंटीफंगल इंजेक्शन (AMPHOTERICIN) अचानक बाजार से गायब हो गया है। मरीज के परिजन इसे लेने के लिये दवा की दुकानों पर भटक रहे हैं।

जिस तरह से मध्यप्रदेश में कोविड के उपचार हेतु उपयोगी रेमडेसिविर इंजेक्शन की काजाबारी हो रही है और नकली इंजेक्शन के धंधे में कई लोग शामिल पाये गये हैं, उससे आशंका उत्पन्न होती है कि कहीं एंटी ब्लैक फंगस इंजेक्शन की भी कालाबाजारी और नकली इंजेक्शन का कारोबार प्रारंभ न हो गया हो। दिग्विजय ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि ब्लैक फंगस के उपचार हेतु जरूरी इंजेक्शन की मरीजों के लिये अस्पतालों के माध्यम से आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित कराएं।

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