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MP में कोरोना LIVE:भोपाल में फिर कोरोना विस्फोट, 24 घंटे में 434 नए केस; ग्वालियर में 280 और जबलपुर में 152 पॉजिटिव, एक की मौत

मध्य प्रदेश4 महीने पहले

भोपाल में शनिवार को फिर कोरोना विस्फोट हुआ। यहां 434 नए केस सामने आए। वहीं, ग्वालियर में भी 280 नए मरीज मिले हैं। जबलपुर में शनिवार को कोरोना से पहली मौत हुई। शनिवार को मिली रिपोर्ट में 152 नए संक्रमित भी मिले हैं। करीब 7 महीने बाद 100 से ज्यादा मरीज मिले हैं। यहां एक्टिव केस 480 हो चुके हैं। जनवरी के पहले 8 दिनों में 458 संक्रमित मिल चुके हैं। दिसंबर में 48 केस थे। करीब 10 गुना से ज्यादा मरीज आठ दिन में मिले हैं। यहां 87 साल के बुजुर्ग की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उन्हें मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे प्रोटेस्ट कैंसर से भी पीड़ित थे। राइट टाउन स्थित आदित्य हॉस्पिटल में उनका इलाज किया जा रहा था। यहां कोरोना टेस्ट करवाया, जिसमें संक्रमित निकले। इससे पहले दो संदिग्ध लोगों की मौत हो गई थी। इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी।

मध्यप्रदेश के पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वह पिछले दिनों मुंबई गए हैं। वहीं, प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 1577 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 5044 हो गई है। इंदौर और भोपाल की स्थिति विस्फोटक है। इंदौर में 618 और भोपाल में कोरोना के 347 नए मरीज मिले हैं। राजधानी में मिले संक्रमितों में 28 बच्चे, GMC और स्वास्थ्य विभाग के चार-चार डॉक्टर शामिल हैं। दो IAS भी पॉजिटिव आए हैं। दुबई से लौटी 28 साल की महिला संक्रमित मिली है। वह 3 जनवरी को भारत आई। अब तक विदेश से लौटे 22 लोग संक्रमित मिल चुके हैं।

हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा

मध्यप्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर जबलपुर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि तीसरी लहर से निपटने की क्या तैयारी है? चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और पीके कौरव की डबल बेंच ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। कोविड इलाज में हो रही अनियमितता और निजी अस्पतालों की मनमानी के मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई शुरू की है।

एक्टपर्ट बोले- इंदौर में अगले 7 दिन में पीक की आशंका

इंदौर में कोरोना की तीसरी लहर विकराल स्थिति में पहुंच गई है। 15 दिन में संक्रमण 20 गुना फैल गया है। 8 दिन में ही 2360 नए मरीज मिल चुके हैं। एक्सपर्ट को आशंका है कि इंदौर में अगले सात दिन में ही कोरोना संक्रमण का पीक आ सकता है। पांच हजार मरीज रोज मिल सकते हैं। तीन दिन से मरीजों का आंकड़ा 500 पार जा रहा है। जिला आपदा प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे कहते हैं कि आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या निश्चित तौर पर बढ़ेगी। यह बढ़ोतरी अप्रत्याशित होगी। पिछली लहर में हर दिन अधिकतम 1800 केस आए थे, इस बार रोज 5 हजार केस तक आ सकते हैं।

ग्वालियर में 111 नए मरीज मिले। संक्रमितों में JAH के दो डॉक्टर, मुरार थाने के TI, एक MBBS छात्र, CRPF के ASI और एमिटी यूनिवर्सिटी से MBA कर रहा छात्र शामिल है। तहसीलदार शिवानी पांडेय के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। दतिया जिले में 16, शिवपुरी 10, मुरैना में 17 और श्योपुर में 4 नए मरीज मिले हैं। रतलाम में 24 पॉजिटिव मिले। जबलपुर में 96 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। छिंदवाड़ा में 15 और रीवा में 8 नए केस मिले हैं।

मंत्री बोले- केस बढ़ रहे, तैयारियां पूरी
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि कोरोना से निपटने के लिए सभी तैयारी कर ली गई हैं। ऑक्सीजन का प्रबंध हर स्तर पर कर लिया गया है। एक महीने की दवाई प्रिक्योर कर ली हैं। कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि वैक्सीनेशन का असर दिख रहा है। अधिकतर केस एसिम्प्टोमैटिक हैं।

प्रदेश में ESMA लागू: डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी काम करने से इनकार नहीं कर सकेंगे
प्रदेश में बढ़ते कोरोना को देखते हुए सरकार ने ESMA (इसेंशियल सर्विसेस मेंटेनेंस एक्ट) लागू कर दिया है। इसका गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। इसके तहत डॉक्टर, नर्स समेत स्वास्थ्य से जुड़े कर्मी काम करने से इनकार नहीं कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश, हर जिले में पॉजिटिविटी ट्रेंड का अध्ययन करें

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को मंत्रालय में कोरोना की समीक्षा बैठक में सभी प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में पॉजिटिविटी ट्रेंड को देखें और इसका अध्ययन करें। वहीं उन्होंने कहा कि वे सोमवार से हर हर ज़िले की कोरोना नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। शिवराज ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में तेज़ी से बच्चों का वैक्सीनेशन पूरा किया जाए। इसकी जिम्मेदारी सभी प्रभारी अधिकारियों की है। 15 से 18 वर्ष के बच्चो के वैक्सिनेशन के लिए हर गांव में डोंडी पिटवाएं, जिससे बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता फैले। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश में वैक्सीनेशन का कार्य अच्छे ढंग से हुआ है। इसके कारण कोरोना लोगों को ज़्यादा नुकसान नहीं पहुँचा पा रहा है।

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