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MP में टूरिस्ट स्पॉट की कमान महिलाओं के हाथ:सेफ टूरिज्म के लिए 10 हजार महिलाओं को रोजगार मिलेगा; 4 हजार को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग

भोपाल9 महीने पहले
मंत्री उषा ठाकुर ने सुरक्षित पर्यटन की योजना का शुभारंभ किया।

मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों पर तिलक और फूल माला पहनाने से लेकर ऑटो, टैक्सी और गाइड की भूमिका में अब सिर्फ महिलाएं ही नजर आएंगी। मध्यप्रदेश को महिला पर्यटकों की सुरक्षा को विशेष ध्यान में रखते हुए MP टूरिज्म विभाग करीब 10 हजार स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अवसर देने जा रहा है।

गुरुवार को भोपाल के मिंटो हॉल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पर्यटन विभाग ने टूरिज्म बोर्ड, पुलिस विभाग और परियोजना की तकनीकी सहायक संस्था UN वूमेन के साथ MOU भी किया गया। इसके तहत 4 हजार महिलाओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी।

पर्यटन, संस्कृति और आध्यात्म मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल विकास करने का नवाचार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त करेगा। उन्होंने कहा 'दिल खोल के घूमो, हिंदुस्तान के दिल में। आप सेफ हैं।' इसी टैगलाइन वाले लोगो में ऑरेंज रंग महिला सशक्तीकरण के प्रतीक रूप में योजना का उद्घाटन का शुभारंभ किया।

प्रमुख सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल विकसित करना अपने आप में अनूठी परियोजना है। मध्यप्रदेश इसके क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएगा। यह समाज के लिए आवश्यक परियोजना है। पर्यटन के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अधिक से अधिक महिला कर्मचारी रखे जाएंगे। विकसित किए जा रहे 50 पर्यटन स्थलों पर करीब 4 हजार महिलाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

पचमढ़ी में लुत्फ उठाते पर्यटक।- फाइल फोटो
पचमढ़ी में लुत्फ उठाते पर्यटक।- फाइल फोटो

इस दौरान UN वूमेन की भारत की प्रतिनिधि सुजेन जेन फ़र्गुसन ने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के लिए एक ओर जहां हमें सामाजिक संवेदनशीलता और नीतिगत निर्णयों के लिए पैरवी करना होगा, वहीं आधारभूत संरचनात्मक ढांचे को भी बेहतर बनाना होगा। इस परियोजना में ये दोनों ही कार्य मध्यप्रदेश शासन कर रहा है।

इस परियोजना की संकल्पना को शुरुआत में ही वर्ल्ड ट्रेवल मार्ट, लंदन द्वारा पुरस्कृत कर विश्वव्यापी पहचान मिल चुकी है। इस अवसर पर यूएन वूमेन की जेंडर रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस टीम लीडर अंजू दुबे पांडेय विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण ) अरुणा मोहन राव समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

20 संकुल में 50 पर्यटन स्थल
इस परियोजना का मूलभूत उद्देश्य पर्यटन स्थलों पर स्थानीय समुदाय और महिलाओं की भागीदारी से पर्यटन स्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित व अनुकूल बनाना है। इस परियोजना में राज्य के 20 संकुलों (क्षेत्रों) के अंतर्गत 50 पर्यटन स्थलों में परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसमें चंबल, पचमढ़ी, शहडोल, खजुराहो, चंदेरी, दतिया, सांची, उज्जैन, बुरहानपुर आदि पर्यटन स्थल और जिले शामिल हैं।

परियोजना में टूरिज्म बोर्ड, महिला एवं बाल विकास, गृह विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, परिवहन विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण विकास विभाग के प्रयासों से महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

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